गुरूर महाविद्यालय में मनाया गया विश्व पर्यटन दिवस



बालोद -शासकीय महाविद्यालय गुरुर में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर इतिहास विभाग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजन, वंदन से की गई इसके पश्चात् अतिथियों का परिचय एवं सम्मान कार्यक्रम के समापन के पश्चात् इतिहास विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा मॉडल बनाकर प्रदर्शित किया गया इनमें प्रमुख रूप से बस्तर का कुटुमसर गुफा, मां दंतेश्वरी मंदिर , रामगढ़ की सीता बेंगरा गुफा, लक्ष्मण मंदिर सिरपुर , बस्तर का मंड़ई, चित्रकूट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, डोलकल का गणेश एवं चित्रकला में छत्तीसगढ़ की राजकीय चिन्ह, राजकीय पशु, राजकीय पक्षी, राजकीय वृक्ष , राजकीय फूल, राजकीय फल तथा छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. के. एल. रावटे (प्राचार्य), मुख्य अतिथि डॉ. वाय. के. धुर्वे, विशेष अतिथि- प्रो. एल. हिरवानी, प्रो. टी.एस. साहू, प्रो. आर.के. सोरी, प्रो. प्रेमचंद साहू, प्रो. योगेश साहू थे। प्रो. वाय. के. धुर्वे ने कहा की छात्रों के द्वारा छात्र जीवन में ऐसे मॉडल बनाकर प्रदर्शित करना अपने आप में अनूठा कार्य है। छत्तीसगढ़ का पर्यटन हमारे आर्थिक और सामाजिक जीवन को मजबूती प्रदान करती है । प्रो. एल. हिरवानी ने कहा कि गुरुर के आसपास जो पर्यटन स्थल है वहां जाकर उनका सर्वे कर वास्तविक जानकारी तैयार कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें ।

मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य ने बताया कि हमारे छात्रों के द्वारा ऐसा अनूठा कार्य करना अपने आप में गौरव का विषय है निश्चित रूप से बाकी छात्रों के प्रेरित करेगा और पर्यटन स्थलों की जानकारी संग्रह करने में मदद मिलेगी । अतिथियों द्वारा मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन कर परिणाम तैयार किया गया जिसमें प्रथम स्थान- तीरथगढ़ जलप्रपात (सागर ,जितेंद्र), द्वितीय स्थान- कुटुमसर गुफा (पूजा, मधु, रागिनी ), तृतीय स्थान- संयुक्त रूप से रामगढ़ की नाट्यशाला ( रोहित, जिज्ञासा, सागर) एवं बस्तर का मंड़ई (ओमेश्वरी, पार्वती, डोमेश्वरी, पायल, दुर्गा,) रहे । चित्रकला को सोमिया रावटे ने बनाया।कार्यक्रम में बी. ए. छात्र-छात्राओं सहित प्रो. एल. हिरवानी, प्रो. टी.एस.साहू, प्रो. आर.के. सोरी, श्री प्रेमचंद साहू, श्रीमती दीपिका साहू, सुश्री सीमा साहू, श्री योगेश साहू उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. मोहन कुमार साहू द्वारा किया गया संपूर्ण कार्यक्रम डॉ. मोहन कुमार साहू के दिशा निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न किया गया।

You cannot copy content of this page