
बालोद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। इस निमित्त बालोद नगर में विजयदशमी एवं पथ संचलन कार्यक्रम रखा गया। शताब्दी वर्ष के प्रथम कार्यक्रम विजयदशमी उत्सव में शस्त्र पूजन कर पथ संचलन देशभक्ति गीत गाते हुए नगर के मुख्य मार्ग से स्वयंसेवक गुजरे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कौशलेंद्र पटेल क्षेत्रीय क्रीड़ा भारती प्रमुख ने अपने उद्बोधन में कहा कि 1925 में संघ का कार्य प्रारंभ हुआ, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से। अब हम समाज परिवर्तन की दिशा में तेजी से समाज की सज्जन शक्ति को लेकर बढ़ रहे हैं। संघ अपनी शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन का विषय लेकर समाज के प्रत्येक घर तक पहुंचाने का प्रयास करेगा। जिसका प्रारंभ नगर स्तर पर विजयदशमी उत्सव पथ संचलन से होकर वृहद ग्रह संपर्क अभियान, मंडल एवं बस्ती स्तर पर हिंदू सम्मेलन, प्रमुख जन गोष्टी, सामाजिक सद्भाव बैठकें, युवा केंद्रित विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन कर भारत का समृद्धशाली इतिहास को दृष्टि में रखते हुए राष्ट्र की भारतीय अवधारणाओ से परिचय प्राप्त करना है।

ज्ञात हो कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच परिवर्तनकारी संकल्प- आत्म-जागरूकता, सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक प्रबोधन, नागरिक अनुशासन और पर्यावरण चेतना – महत्वपूर्ण साधन हैं जो राष्ट्र की शक्ति को बढ़ाएंगे, देश को विविध चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए आधारभूत स्तंभ के रूप में काम करेंगे।” इस अवसर पर बालोद जिला के सह जिला संघचालक राजेश्वरराव कृदत्त, बालोद नगर के नगर संघचालक संतोष दुबे नगर कार्यवाह छगन यादव सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित थे।
