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एक प्रदर्शनी ऐसी भी – शिक्षक बने बच्चे, तैयार किए खिलौने, दिघवाड़ी संकुल में लगी खिलौनों की प्रदर्शनी

मानपुर– ब्लॉक के दिघवाड़ी संकुल में अनूठा खिलौना प्रदर्शनी का आयोजन हुआ. कोरोना काल में शिक्षकों और विद्यार्थियों में सृजनात्मक कौशल का विकास करने के उद्देश्य से संकुल दिघवाड़ी विकासखण्ड मानपुर में संकुल स्तरीय खिलौना प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमे संकुल दिघवाड़ी विकासखण्ड मानपुर के अंतर्गत आने वाले बारह प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों ने अपने द्वारा बनाये गए खिलौनों का प्रदर्शन किया, खिलौनों में शिक्षकों के द्वारा मिट्टी ,कागज,बांस का प्रयोग कर छोटे बच्चों को ध्यान में रखते हुए खिलौने बनाये गए। इस प्रदर्शनी में शिक्षक ,शिक्षिकाओ ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। संकुल के शिक्षक शिवनाथ कोमरे, जगदीश गजभिये ,सुनील देवांगन, नेतराम कोर्राम, तिरबीसी राम भंडारी, सनीत शोरी, प्रताप सिंह पिसधारे,अनिता यादव,मीना साहू, शालिनी चौधरी,लता पटवा,अरुणा देशमुख, कैलास कोरिया, शुशीला मांझी, सन्तोष तम्बोली, सम्पत नेताम, शांति आर्य, नेमिन साहू, मन्नू देशमुख, दीनदयाल साहू आदि ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाले संकुल समन्वयक नूतन बाबू कौमार्य ने चर्चा के दौरान बताया कि नयी शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों को प्राथमिक शालाओं से जोड़ने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि खिलौने और टी.एल.एम के उपयोग से शिक्षकों का काम आसान हो जाता है और बच्चों में भी समझ का विकास जल्दी और आसानी से होता है। इसी उद्देश्य को लेकर इस खिलौने और टी.एल.एम प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में भाग लिए शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने बताया कि उन्हें भी एक दूसरे से बहुत कुछ सीखने मिला और वे यहाँ देखे और सीखे गए मॉडल को अपने अपने स्कूलों में बच्चों के साथ उपयोग में लाएंगे। मानपुर वनांचल के अंदरूनी इलाके में इस तरह के नवाचारी प्रयास के आयोजन होने पर मानपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापुरे, विकासखंड स्रोत समन्वयक सुश्री जाहिदा खान, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरुण मरकाम ने संकुल समन्वयक नूतन बाबू कौमार्य के इस प्रयास की तारीफ करते हुए खुशी का इजहार किया है। मानपुर विकासखंड के दिघवाड़ी संकुल में इस तरह के खिलौने और टी.एल.एम प्रदर्शनी का आयोजन होने पर निश्चित रूप से वनांचल के शिक्षकों को बहुत लाभ होगा।

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