औषधियों का नशे के रूप में दुरूपयोग के रोकथाम हेतु स्कूलों एवं महाविद्यालय में भी किया जा रहा है विद्यार्थियों को जागरूक
बालोद। नशा मुक्त भारत अभियान अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही औषधियों का नशे के रूप में दुरूपयोग के रोकथाम हेतु स्कूली एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को जागरूक भी किया जा रहा है। औषधि निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ एवं कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार तथा सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा एवं बालोद विकासखण्ड के लाटाबोड़ में संचालित विभिन्न प्रतिष्ठानों में कोटपा एक्ट 2003 के तहत 25 चालानी कार्यवाही की गई।

इसके साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शालाओं एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को औषधियों के नशे के रूप में दुरूपयोग के रोकथाम हेतु जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के शासकीय कन्या महाविद्यालय बालोद एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाठागांव में जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इसके साथ ही जिले में संचालित औषधि प्रतिष्ठानों का भी औचक निरीक्षण कर औषधियों के नशे के रूप में दुरूपयोग के रोकथाम हेतु कार्रवाई की जा रही है।
क्या होता है कोटपा एक्ट
कोटपा (COTPA) का अर्थ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 है. यह भारतीय संसद का एक कानून है जो 2003 में पारित किया गया था और तंबाकू के विज्ञापन को प्रतिबंधित करता है और सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के व्यापार, वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को विनियमित करता है. इस अधिनियम के तहत, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध, नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध जैसे कई नियम बनाए गए हैं.
कोटपा अधिनियम के तहत कुछ प्रमुख प्रावधान
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध:
होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक परिवहन जैसी जगहों पर धूम्रपान करना मना है. उल्लंघन करने पर जुर्माना लग सकता है.
तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन प्रतिबंधित:
तंबाकू उत्पादों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन, प्रचार या प्रचार प्रतिबंधित है.
नाबालिगों को बिक्री पर रोक:
18 साल से कम उम्र के नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनसे बेचना गैरकानूनी है.
शैक्षणिक संस्थानों के पास प्रतिबंध:
किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज (या मीटर) के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है.
चेतावनी बोर्ड का लगाना:
सार्वजनिक स्थानों के मालिकों को उचित आकार के ‘नो स्मोकिंग’ या चेतावनी बोर्ड लगाने होंगे. तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर भी स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी देना अनिवार्य है.
OTT प्लेटफॉर्म के लिए नियम:
सिनेमा हॉल की तरह, अब OTT प्लेटफॉर्म्स को भी वेब सीरीज और फिल्मों की शुरुआत और बीच में तंबाकू विरोधी जागरूकता वाले वीडियो दिखाने होंगे.
अधिनियम का उद्देश्य:
कोटपा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में तंबाकू के उपयोग को कम करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है, खासकर युवाओं को तंबाकू के खतरों से बचाना.
