अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 पर नेफेड द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित



बालोद। नेफेड रायपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम टाउन हॉल बालोद में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच सहकारिता का प्रसार तथा वृक्षारोपण के उद्देश्य पर प्रकाश डालना था। इस अवसर पर श्री संजय सिंह, राज्य प्रमुख, नेफेड रायपुर द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम में नेफेड द्वारा गठित तीन कृषक उत्पादक संगठन एफ.पी.ओ के सदस्य तथा नेफेड की दो सदस्य संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। नेफेड द्वारा बालोद जिला में तीन कृषक उत्पादक संगठन (तांदूला एग्रोफेड एफ.पी.ओ बालोद, गुरुर एग्रोफेड एफ.पी.ओ,गुरुर तथा सक्षम एग्रोफेड एफ.पी.ओ दोंडीं लोहारा) का गठन किया गया है। राज्य प्रमुख ने यह भी बताया कि किस प्रकार किसान भारत सरकार की समर्थन मूल्य योजना (दलहन, तिलहन और मक्का) का लाभ उठा सकते हैं तथा मूल्य नियंत्रण हेतु नेफेड के द्वारा किए जा रहे प्रयासों जैसे भारत ब्रांड एवं नेफेड ब्रांड के प्रोडक्ट को एफ.पी.ओ के माध्यम से प्राप्त कर उसका लाभ उठाया जा सकता है। इस अवसर पर श्रीमती प्रतिभा चौधरी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा किसानों को नेफेड के द्वारा गठित एफ.पी.ओ से जोड़ने की सलाह दी गई तथा नेफेड द्वारा संचालित कार्यक्रमों का लाभ उठाने को कहा। आयोजन के अतिथि श्री आशीष चंद्राकर डी.डी.ए बालोद द्वारा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई तथा किसानों से आग्रह किया कि वह उनसे व्यक्तिगत रूप से मिले और योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उसका लाभ उठाएं। इफको प्रतिनिधि श्री शुभम काले तथा कृभको के प्रतिनिधि श्री भागवत प्रसाद ने उर्वरक एवं कीटनाशकों के उपयोग के बारे में कृषकों को बताया। कार्यक्रम में सम्मिलित सहायक पंजीयक बालोद श्री प्रभाकर मेश्राम ने किसानों को सहकारिता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया इसके अलावा श्री चमन देशमुख सदस्य दोंडीं लोहारा विपणन सहकारी समिति ने नेफेड द्वारा किसानों के लिए किया जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर श्रीमती प्रतिभा चौधरी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बालोद समेत सभी अतिथियों द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” पर वृक्षारोपण टाउन हॉल बालोद तथा बालोद सहकारी विपणन समिति के प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर नेफेड द्वारा सभी 300 किसानों को एक-एक आम का पेड़ वृक्षारोपण हेतु भेंट दिया गया तथा आग्रह किया गया कि वह अपनी मां के नाम इस पेड़ का वृक्षारोपण अपने खेतों में करें।

You cannot copy content of this page