DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

एक्सपायर हो चुका नैनो यूरिया किसानों को बांटे जाने के मामले में होगी जांच, दो कृषि केंद्र संचालक को नोटिस जारी

डौंडी। कोठारी निजी कृषि केंद्र में 2022 में एक्सपायर हो चुका नैनो यूरिया किसानों को बांटे जाने के मामले में अब जांच शुरू होगी। बालोद जिला अधिकारी ने उर्वरक निरीक्षक पवन कुमार यदु और कोठारी कृषि केंद्र संचालक को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता गोरेलाल सोनी की शिकायत के बाद हुई है। सोनी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। डौंडी के उर्वरक निरीक्षक ने पहले कोठारी कृषि केंद्र में कार्रवाई की थी। इसके बाद जिला कलेक्टर के आदेश पर विभाग ने केंद्र को अपने नियंत्रण में ले लिया था। बावजूद इसके, खाद्य सामग्री कोठारी केंद्र के नाम से ही आ रही थी। इसी केंद्र से किसानों को 2022 में एक्सपायर हो चुका नैनो यूरिया बांटा गया। विभाग ने मीडिया के सवालों पर गलती स्वीकार की और कहा कि यह अनजाने में हुआ। विभाग ने किसानों के घर जाकर यूरिया बदलने की बात कही थी, लेकिन बाद में किसानों को बुलाकर राशि लौटा दी गई।जांच में सामने आया कि विभाग ने संचालन अपने हाथ में लेने के बाद भी एक्सपायरी यूरिया खपाने की रणनीति अपनाई। जिस केंद्र को नियमों के उल्लंघन पर बंद किया गया था, उसी से खाद्य वितरण किया गया। अब सवाल उठ रहा है कि एक्सपायरी यूरिया इस केंद्र तक कैसे पहुंचा। इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं, इसकी जांच नहीं की गई।सामाजिक कार्यकर्ता गोरेलाल सोनी ने कहा कि नैनो यूरिया धान की फसल के लिए लाभकारी है। इसे राज्य सरकार किसानों को आर्थिक लाभ देने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध करा रही है। लेकिन निजी कृषि केंद्रों में तीन साल पुराना एक्सपायरी यूरिया बांटना गंभीर मामला है। इसकी सप्लाई कहां से हुई, इसका पता नहीं लगाना अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है।सोनी ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो प्रदेशभर में इस तरह की गड़बड़ियों का बड़ा खुलासा हो सकता है। यह एक्सपायरी यूरिया सप्लाई कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसके पीछे कौन मास्टरमाइंड है, यह पता लगाना जरूरी है। शासन को भी इस मामले की तत्काल जांच करानी चाहिए।उर्वरक निरीक्षक पवन कुमार यदु ने कहा कि कोठारी केंद्र में 2022 का एक्सपायरी नैनो यूरिया कहां से आया, इसकी जांच कर रिपोर्ट जिला अधिकारी को सौंपी जाएगी। बालोद जिले में नैनो यूरिया की जांच के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन जब सवाल प्रदेश स्तर तक जांच पहुंचाने का आता है, तो अधिकारी अपने सीमित दायरे की बात कह रहे हैं। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि यदि मुख्य आरोपित जिला से बाहर का निकला तो विभाग क्या रणनीति अपनाएगा।

You cannot copy content of this page