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एक्सपायरी नैनो यूरिया वितरण सप्लाई की जांच हो – गोरेलाल सोनी

डौंडी. जिस कोठारी कृषि केंद्र पर कृषि विभाग ने छापा मारकर उसे बंद कराया था, अब उसी केंद्र का संचालन विभाग खुद कर रहा है। कृषि विभाग ने ही 2022 के एक्सपायरी नैनो यूरिया किसानों को वितरण कर भूल स्वीकार किया। उर्वरक निरीक्षक अधिकारी पवन कुमार यदु का दायित्व बनता है कि तीन साल पुरानी एक्सपायरी नैनो यूरिया का सप्लाई कोठारी कृषि केंद्र में कहां से आया। इस सप्लाई के तार और कहां से जुड़े है। इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच होने की मांग डौंडी नगर निवासी गोरेलाल सोनी ने शासन प्रशासन से की है। सोनी का कहना है कि डौंडी के उर्वरक निरीक्षक अधिकारी ने कोठारी कृषि केंद्र में कार्रवाई की थी। कार्रवाई के बाद जिला कलेक्टर के आदेश पर विभाग ने कोठारी केंद्र को अपने नियंत्रण में ले लिया,विभाग ने कहा है कि कार्रवाई के बाद भी खाद्य सामाग्री कोठारी केंद्र के नाम से आ रहा है। विभाग द्वारा इसी केंद्र से किसानों को खाद्य वितरण किया जा रहा है। इस केंद्र से किसानों को 2022 में एक्सपायर हो चुका नैनो यूरिया लिक्विड बांटा गया। जबकि यह यूरिया केवल सहकारी समिति को ही भेजा जाता है। विभाग ने मीडिया के सवाल पर सफाई दी कि यह गलती से बंट गया। अब विभाग खुद किसानों के घर जाकर एक्सपायरी यूरिया बदलने की बात कह रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि जिस निजी कोठारी कृषि केंद्र पर पहले कार्रवाई हुई, अब उसी केंद्र से सहकारी समिति का यूरिया किसानों को बांटा जा रहा है। इससे साफ है कि विभाग के हाथ में संचालन आते ही एक्सपायरी यूरिया खपाने की रणनीति अपनाई गई। विभाग ने जिस केंद्र को पहले नियमों के उल्लंघन पर बंद कराया, अब उसी से खाद्य वितरण कर रहा है। और एक्सपायरी नैनो यूरिया सप्लाई इस केंद्र में कैसे पहुंची,इसके तार कहां कहां से जुड़े हुए है। इसकी जांच जिम्मेदारी उर्वरक निरीक्षक अधिकारी द्वारा नहीं किया गया। डौंडी ब्लॉक में कई निजी कृषि केंद्र हैं। लेकिन उर्वरक निरीक्षक अधिकारी ने सिर्फ कोठारी केंद्र को ही निशाना बनाया। कार्रवाई के बाद विभाग ने खुद जिम्मा संभाला और सहकारी समिति का यूरिया उसी निजी केंद्र से किसानों को बांटा। इससे यह पूरी प्रक्रिया एक्सपायरी यूरिया खपाने की सोची-समझी साजिश जैसी लग रही है। किसानों को बांटा गया नैनो यूरिया 2022 में एक्सपायर हो चुका था। नैनो यूरिया केवल सहकारी समिति को ही भेजा जाता है, लेकिन विभाग ने इसे निजी केंद्र से वितरित किया। विभाग ने गलती मान ली है। अब किसानों के घर जाकर यूरिया बदलने की बात कही जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जब विभाग खुद संचालन कर रहा था, तब एक्सपायरी यूरिया कैसे बंटा। इस पूरे मामले में विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कार्रवाई के बाद भी उसी केंद्र से वितरण करना, एक्सपायरी यूरिया बांटना और फिर गलती बताकर बदलने की बात करना, विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पूरे मामले में सोनी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग किया है।

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