सिर्राभांठा में बैगा की हत्या के मामले में परिजन सहित ग्रामीणों ने लगाया बालि का आरोप, पुनः न्यायिक जांच की उठी मांग, वरना ग्रामीण करेंगे आंदोलन



बालोद। गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम हल्दी चौकी अंतर्गत सिर्राभांठा गांव में विगत 26 मई सोमवार को गांव के एक बैगा पुनीत राम ठाकुर की तिहारू राम निषाद के घर में हत्या की गई थी। जिसमें तिहारू निषाद सहित उनकी पत्नी धनेश्वरी निषाद ग्राम सिर्राभांठा, सूरडोंगर के अजीत मंडावी, कमरौद के कमलेश निषाद और कांडे डौंडी ब्लॉक के चतुर निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामले में फिलहाल पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज किया है। लेकिन ग्रामीणों सहित परिजनों का आरोप है कि यह सामान्य हत्या नहीं है बल्कि पुनीत राम ठाकुर की बलि दी गई है। परिजन सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हत्या से पहले तिहारू निषाद द्वारा पुनीत राम ठाकुर को उनके घर बुलाया गया। उन्हें पानी से नहलाया गया और कुछ पूजा पाठ कर उसे अपने साथ घर ले गया। इसके कुछ घंटे बाद उसके हत्या किए जाने की जानकारी परिजनों को हुई।

फिर मुख्य रूप से हत्या करने वाला सूरडोंगर निवासी अजीत मंडावी घटनास्थल से भागने लगा और अन्य ग्रामीणों को भी बरछी भाला लेकर मारने के लिए दौड़ाने लगा। इस पूरे घटनाक्रम से ग्रामीणों को पूरी आशंका है कि यह सामान्य हत्या नहीं है बल्कि पूरे तंत्र-मंत्र से पूजा पाठ करते हुए अंत में पुनीत राम ठाकुर की बलि दी गई है। पुनीत राम ठाकुर सिर्राभांठा में बैगाई का काम करता था। कुछ महीने पहले ही उसने गांव में यह काम करना छोड़ा था। तो वही पुलिस जांच में हत्या का कारण यह बताया गया है कि अजीत मंडावी और पुनीत राम ठाकुर के बीच, मैं बड़ा बैगा हूं, इस बात को लेकर विवाद हो गया। इस बीच अजीत मंडावी ने चाकू से उसकी गला रेत कर हत्या की और अन्य आरोपियों ने पुनीत राम ठाकुर को पकड़ने और महिला धनेश्वरी निषाद ने चाकू धोकर साक्ष्य छिपाने का अपराध किया है। जिसके आधार पर पांच आरोपियों को विगत दिनों गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर जेल भेजा गया है। ग्रामीण सहित परिजनों ने इसमें बलि की आशंका जताते हुए न्यायिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर इस तरह की जांच और कार्रवाई नहीं होती है और तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। मांग करने वालों में प्रमुख रूप से नोहर सिंह ठाकुर, पंच खोरबाहरीन बाई, उपसरपंच खेमराज सिन्हा ,रूपचंद जैन, नंदराम साहू, दीप लता सहित अन्य ग्रामीण शामिल है। करीब 60 की संख्या में सिर्राभांठा के महिला पुरुष मंगलवार को कलेक्टर जन दर्शन में पहुंचे थे। जहां जिला प्रशासन के साथ जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन देकर मामले में पूर्ण जांच और दोषियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।वहीं अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गहनता से जांच जारी है। सभी पहलुओं पर संबंधित लोगों से बयान लिए जा रहे हैं। बता दे कि इस घटना में जिस तरह से घटनास्थल पर अंधविश्वास से जुड़ी चीजें बरामद हुई थी उसेसे ऐसा ही प्रतीत हो रहा था कि यह विशिष्ट अनुष्ठान जैसे तंत्र-मंत्र करके किसी को बलि दिया गया हो। हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बलि को लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं की ना ही आरोपियों द्वारा बलि दिए जाने को लेकर कोई बात कबूली गई है। लेकिन पूरे गांव में यही चर्चा है कि जिस तरह से पुनीत ठाकुर उसके घर घर से बुलाकर ले गए और उसे ले जाने से पहले उसके घर में भी उसके साथ जो किया गया वह सब बलि जैसे कृत्य की ओर इशारा करता है।

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