कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को दी गई सलाह, डी.ए.पी के विकल्प के रूप में एन.पी.के. तथा एस.एस.पी. उर्वरक का करें उपयोग

बालोद।कृषि विभाग द्वारा वर्षा ऋतु के आगमन को देखते हुए जिले के किसानों को सामयिक सलाह दी गई है। कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि जिले के कृषकों द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में फसल बोआई की तैयारी चल रही है। खेती करने वाले अधिकतर ऋणी कृषक है जो उर्वरकों का उठाव सहकारी समिति के माध्यम से करते हैं। अतः शासन द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों को उर्वरकों का आबंटन अनुपात 60ः40 के स्थान पर 70ः30 किया गया है। शासन द्वारा जिले के लिए कुल उर्वरक भण्डारण हेतु संशोधित लक्ष्य 54037 मी.टन. निर्धारित किया गया है। जिसके विरूद्ध अबतक 26471 मी.टन (49 प्रतिशत) का भण्डारण हो चुका है, जो गत वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत कम है। जिले के कृषकों द्वारा अब तक 16862 मी.टन (31 प्रतिशत) का उठाव किया जा चुका है। खरीफ वर्ष 2025 डी.ए.पी. उर्वरक की आपूर्ति कम होने की संभावना है, अतः डीएपी उपलब्ध न होने पर अन्य एन.पी. के वैकल्पिक उर्वरक 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, 28ः28ः0, 16ः16ः16 इत्यादि के माध्यम से आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति किया जा सकता है। वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करके फसलों के अनुरूप आवश्यक तत्वों का संतुलन बनाया जा सकता है।

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