नाबालिग पीड़िता के मांग में सिंदूर भरकर बलात्कार करने पर 20 वर्ष का कारावास

बालोद । कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी कामदेव साहू निवासी वार्ड क्र० 22 मछली मार्केट राजहरा, उम्र-18 थाना-राजहरा, जिला-बालोद (छ.ग.) को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 450 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- रू० अर्थदण्ड, 458 के आरोप में सात वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- रू० अर्थदण्ड, 342 के आरोप में छः माह का सश्रम कारावास व 500/- रू० अर्थदण्ड, 427 के आरोप में एक वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- रू० अर्थदण्ड, 506 के आरोप में एक वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- रू० अर्थदण्ड तथा पाष्क्सो की धारा 6 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 27-07-2023 को पीड़िता के पिता के द्वारा थाना-राजहरा में उपस्थित होकर आरोपी के विरूद्ध लिखित शिकायत पेश कर आरोपी के द्वारा उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता को दिनांक 26-07-2023 को रात्रि 12 बजे आरोपी पीड़िता के घर के बाहर आकर उसे फोन कर मिलने के लिए बोला, पीड़िता के मना करने पर से डरा धमका कर पीड़िता के घर का दरवाजा खुलवा कर उसे कमरे के अंदर ले जाकर तुमसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा कहते हुए कमरे में रखे सिंदूर के डब्बे से उसकी मांग भर कर कहीं नहीं जाओगी कहते हुए कमरा के दोनों दरवाजा को अंदर से बंद कर दिया। उक्त घटना की शोरगुल सुनकर पीड़िता की माता को जानकारी होने पर उसके द्वारा अपने पति एवं सास को फोन कर घटना के बारे में बताया तथा घर के पास स्थित चौक में बैठे आदमी लोगों को बुलाकर तथा उसकी सास व थाना राजहरा के पुलिस वाले के आने पर कमरे का दरवाजा तोड़ कर पीड़िता एवं आरोपी को बाहर निकाला गया। उक्त लिखित शिकायत के आधार पर म.प्र.आ. लिलेश्वरी देवांगन के द्वारा अभियुक्त कामदेव के विरूद्ध अपराध क्रमांक-274/2023, भारतीय दण्ड संहिता की धारा 366, 376 (2) (ढ), 450, 458, 342, 427 एवं संरक्षरण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5(ठ), 6 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 22.09.2023 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक राकेश ठाकुर के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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