युक्तियुक्तकरण के सेटअप से शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था होगी चौपट: जितेंद्र शर्मा

बालोद। शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी व जिलाध्यक्ष बालोद, जितेंद्र शर्मा ने युक्तियुक्तकरण को 2008 विभागीय सेटअप व भर्ती पदोन्नति नियम राजपत्र के सेटअप के तहत केवल शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक शाला में पर्याप्त शिक्षक भेजने तक को सही बताया। वर्तमान में जारी युक्तियुक्तकरण के सेटअप को शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर गरीब बच्चों और पालकों के साथ अन्याय बताया और इस पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 15000 प्राथमिक शालाएं 60 से कम दर्ज संख्या वाली है। युक्तियुक्तकरण हेतु जारी नियम व मापदंड के अनुसार यहां एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक से 05 कक्षाओं की शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? इन 15000 विद्यालयों से औसत 01 एक सहा शिक्षक अतिशेष होंगे,उन्हें सरकार कहां पदस्थापना देगी? सरकारी आंकड़ों के अनुसार आवश्यकता तो केवल लगभग 7000 सहायक शिक्षकों की है। पूर्व माध्यमिक शालाओं से ही लगभग 7000 शिक्षक एक पद कम करने के कारण अतिशेष होंगे तथा लगभग 8000 शिक्षक विषय के कारण अतिशेष होंगे। प्राइमरी के अतिशेष सहायक शिक्षक 15000 से ज्यादा तथा मिडिल के भी लगभग 15000 शिक्षक यानि कुल लगभग 30,000 शिक्षक अतिशेष निकलेंगे, फिर हायर सेकेंडरी स्कूलों से भी लगभग 5000 व्याख्याता अतिशेष हो जाएंगे जोकि अतिशेष शिक्षको का पूरा आंकड़ा 35000 से भी ज्यादा पार कर सकता है।जिससे शासकीय स्कूलों में अव्यवस्था हो जाएगी और शिक्षा केवल नगण्य रह जायेगी। एकल शिक्षकीय व शिक्षक विहीन शालाओं की आवश्यकताएं पद कम किए बिना भी की जा सकती है लेकिन विभाग लगभग 50000 शिक्षकों को परेशान कर रही थी तथा हजारों विद्यालयों व लाखों बच्चों के साथ प्रयोगधर्मिता करके अन्याय करने जा रही है।

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