बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी हरेश यादव उम्र-43 वर्ष, निवासी-सिवनी, थाना-डौण्डीलोहारा, जिला-बालोद (छ.ग.) को संहिता की धारा 342 भा.दं.सं. के आरोप में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 354 के आरोप में पाँच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, धारा 506 के आरोप में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रु० अर्थण्ड तथा धारा 376 (2) (ढ) के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार-दिनांक 15-08-2023 को पीड़िता की मां के द्वारा थाना-डौण्डीलोहारा में उपस्थित होकर आरोपी के विरूद्ध लिखित शिकायत पेश कर आरोपी के द्वारा उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता को दिनांक 05-03-2023 को जब वह अपनी सहेली के घर कापी मांगने के लिए उसके घर के परछी में खड़ी थी, उसी दौरान पीड़िता के पीछे से उसे बेइज्ती करने की नियत से उसके दोनों हाथ-कलाई को पकड़कर छेड़खानी करने लगा, जिस पर पीड़िता अपने को छुड़ाकर वहां से भागी और उक्त घटना के बारे में अपनी मां को बतायी। घटना के पश्चात् उसकी मां ने आरोपी को बोली थी कि इस प्रकार से दोबारा मत करना। लेकिन अप्रैल 2023 में उसकी एक सहेली उसे दुकान जायेंगे कहकर अपने घर ले गयी, जहां आरोपी ने उसकी सहेली को अपने कमरे में बुलाया, तब पीड़िता भी अपनी सहेली के साथ कमरे में गयी थी, जिसके बाद उसकी सहेली कमरे से बाहर चली गयी, तब आरोपी अपने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और उसके कपड़े उतारकर उसे धक्का देकर खाट में गिरा दिया। उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद अंदर से दरवाजा खोलने के बाद दरवाजा को खटखटायी तब कुमकुम देहारी बाहर का संकल को खोली थी। जिसके बाद वह घर आ गयी थी, आरोपी ने उसकी सहेली को घटना के बारे में अपने माता-पिता या किसी को बनाने पर उसकी मां को मार देने की धमकी दिये जाने के कारण घटना के बारे में किसी को नहीं बतायी थी। उक्त लिखित शिकायत के आधार पर महिला प्रधान आरक्षक लिलेश्वरी देवांगन के द्वारा आरोपी हरेश यादव के विरूद्ध अपराध क्रमांक-121/2023, संहिता की धारा 451, 354, 354 (क) एवं संरक्षरण अधिनियम 2012 की धारा 8 व 12 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 13.10.2023 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना उ.पु.अधी. नवनीत कौर, म.प्र.आ. 989-लिलेश्वरी देवांगन, निरी. लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
