नाना-नानी को बंद कर ताला लगाकर घर से भागी थी युवती, आधी रात को भटकते पहुंची जगन्नाथपुर, ग्रामीणों ने रात 1:30 बजे सुरक्षित घर पहुंचाया



बालोद। सुरेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पापरा की रहने वाली संजना नाम की एक युवती घर वालों को बिना बताए उन्हें चकमा देकर बुधवार को सुबह से फरार हो गई थी। वह अपने नाना नानी के साथ पापरा में रहती है। जिन्हें युवती ने घर में ही कैद कर दिया और बाहर दरवाजे पर ताला लगाकर आई थी। युवती की मानसिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं लग रही थी। रात को भटकते भटकते पैदल जब वह ग्राम जगन्नाथपुर में पहुंची तो वहां एक मोहल्ले में कबड्डी प्रतियोगिता हो रही थी। जब लोगों ने उनसे पूछा तो कहने लगी कि मैं पापरा से हूं। नाना नानी के साथ रहती हूं। पर मुझे घर नहीं जाना है। मैं वापस नहीं जाऊंगी। मैं कहीं भी चली जाऊंगी। ग्रामीण उसे समझाने का प्रयास करते रहे। पर वह घर जाने को तैयार नहीं हो रही थी। मामले की खबर मिलने पर पत्रकार दीपक यादव ने घटना की सूचना बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडे को दी तो उन्होंने कहा कि चूंकि युवती सुरेगांव गांव थाना क्षेत्र की है। इसलिए सुरेगांव थाना में खबर कर स्थानीय ग्रामीणों के जरिए उसे सुरक्षित घर पहुंचा दीजिए। इसके बाद सुरेगांव थाना प्रभारी को फोन किया गया। तब उनके द्वारा बताया गया कि उक्त युवती आए दिन घर से फरार हो जाती है। दो-तीन बार सुरेगांव पुलिस भी उन्हें अलग-अलग गांव से पकड़कर घर पहुंचाई है। उसकी मानसिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं रहती है। कब क्या कदम उठा लेगी, कोई भरोसा नहीं रहता है और लोगों पर काफी गुस्सा दिखाती है। बड़ी ही जिद्दी स्वभाव की है। सुरेगांव थाना प्रभारी द्वारा भी कहा गया कि उनके घर वालों को खबर करिए और उसे महिलाओं की मदद से जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर जैसे भी हो उन्हें घर तक छोड़ दीजिए। चूंकि युवती घर जाने को लेकर तैयार ही नहीं थी और अपने मन से कहीं भी आने-जाने की बात पर अड़ी हुई थी। रात भर कबड्डी प्रतियोगिता हो रहा था। कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए इस डर से जागरूक ग्रामीण युवती को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था में लगे हुए थे। इस बीच रात करीब 12.30 बजे पापरा की महिला कमांडो देवकी गोस्वामी से बात की गई। उन्होंने युवती के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उनके घर का पता बताया। इसके बाद जनपद सदस्य दमयंती सुभाष हरदेल के पति समाजसेवी सुभाष हरदेल युवती के पास पहुंचे। उन्हें घर चलने की समझाइश देने लगे। फिर भी वह उनका बात नहीं मान रही थी। आसपास मौजूद महिलाओं द्वारा उक्त युवती को पकड़कर काफी मशक्कत के साथ कार के अंदर बैठाया गया। इस दौरान युवती काफी विरोध करने लगी और स्थिति बेकाबू होती दिखी। जैसे तैसे उसे कार में बैठाकर रात डेढ़ बजे पापरा उनके नाना नानी के घर पहुंचाया गया। घर पहुंचने पर युवती काफी आक्रोशित हो गई। अपने घर वालों को मारने की धमकी देने लगी। गला दबाने का भी प्रयास करने लगी। इस पर जनपद सदस्य के पति सुभाष हरदेल ने युवती को कड़ी समझाइश और थाने भिजवाने की चेतावनी दी तब जाकर वह शांत हुई। इधर बहन की घर से भाग जाने और जगन्नाथपुर में होने की जानकारी मिलने पर उनका एक भाई भी ढूंढते हुए उसे जगन्नाथपुर तक पहुंचा था। जिसे खबर करके बताया गया कि उनकी बहन को जगन्नाथपुर के ग्रामीणों ने घर तक पहुंचा दिया है। इस नेक काम में समाजसेवी सुभाष हरदेल , जगन्नाथपुर के सरपंच देव कुंवर कोसिमा के पति दौलत कुमार, पत्रकार दीपक यादव, सहित गांव की अन्य महिलाओं और पापरा की महिला कमांडो देवकी गोस्वामी का विशेष योगदान रहा।

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