64 योगिनी मंदिर हेतु भिक्षाटन में सिर्राभांठा पहुंचे गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख, किसी ने दान के रूप में दिए मिट्टी तो किसी ने अनाज



जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम लिमोरा में बन रहा भव्य मंदिर

बालोद। मोक्ष धाम सेवा संस्थान द्वारा लिमोरा में 64 योगिनी मन्दिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसे बनाने के लिए गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख द्वारा 64 गांवों में आशीर्वाद एवं भिक्षा ली जा रही है। प्रथम दिन लिमोरा से इसकी शुरुआत की गई थी। वहीं इसी क्रम में बारहवें दिन ग्राम सिर्राभांठा के लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना कर भिक्षाटन आरम्भ हुआ। ग्राम सिर्राभाठा में भिक्षा और आशीर्वाद लेने के लिए गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख के साथ समिति और ग्राम के गणमान्य नागरिक भ्रमण में निकले। 64 योगिनी मन्दिर निर्माण के लिए भिक्षा लेने गांव के प्रत्येक घर के दरवाजे में गुरुदेव पहुंचे। जहां भिक्षा देने वाले ग्रामीणों ने घर से बाहर निकल कर उनका स्वागत किया और तिलक पुष्प हार से उनका सम्मान करते हुए बड़े ही प्रेम से भिक्षा दी। गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख ने कहा कि मुझे मन्दिर निर्माण में आप सभी का सहयोग चाहिए। इस आशीर्वाद भिक्षा भ्रमण में मुख्य रूप से गुरुदेव नाड़ी वैध बिरेंद्र देशमुख, निजानंद चंद्राकर, राजेश सिन्हा समाज सेवी, याद राम पूर्व सरपंच, बलराम सिन्हा, नरेंद्र सिन्हा, भैरव सिन्हा, रुपू साहू, रेमन, समीर, ओम प्रकाश साहू, सरोज सिंहा डॉक्टर योगेंद्र साहू, सुरेश कुमार तेता , सरपंच गोल कुम्हड़ा, यशस्वी, मुस्कान, देवदत साहू, पप्पू सिन्हा, इंदल सिंह, संतराम, टेकराम, प्रहलाद, योगेंद्र सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे। गजेंद्र कुमार देवदास ग्रामीण कोतवाल द्वारा मुनादी कराई गई थी।

64 गांव में जाएंगे गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख

ज्ञात हो कि बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम लिमोरा में भव्य 64 योगिनी माता मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। भूमि पूजन भी हो चुका है। प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख इस मंदिर के संस्थापक हैं। वे अपने साथियों के साथ इस मंदिर के निर्माण के लिए भिक्षा मांगने 64 गांव जाएंगे। इसकी शुरुआत उन्होंने लिमोरा से ही की है। गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख ने बताया कि लोगों का बहुत अच्छा सहयोग मिल रहा है। अब तक 11 गांव मे लोगों ने खुलकर दान दिए। दान में किसी भी तरह की पाबंदी नहीं है, जिसको जो भी देना हो वह मंदिर के लिए दे सकते हैं चाहे वह एक मुट्ठी मिट्टी क्यों ना हो। ऐसे ही सनौद में दो घरों से एक मुट्ठी मिट्टी दान के रूप में मिला।

एक ऐसा मंदिर जहां नहीं होगी कोई दान पेटी

गुरुदेव बीरेंद्र देशमुख ने बताया कि इस मंदिर में किसी भी तरह की दान पेटी नहीं रखी जाएगी। लोग श्रद्धा पूर्वक आएंगे और भगवान का दर्शन करके जाएंगे। जिन किसी को यहां पर प्रतिदिन चलने वाले भोजन भंडारा में दान देना होगा वे सहर्ष सहयोग प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा किसी तरह की दान पेटी नहीं होगी।

गुरुजी के इंतजार में घर के दरवाजे पर दान लेकर खड़े रहे ग्रामीण

गांव में पहुंचते ही जब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख भिक्षा के लिए आए हैं, तो प्रत्येक घर में महिलाएं अपने घर के दरवाजे के सामने चावल, धान सहित एक मुट्ठी मिट्टी व अन्य दान लेकर खड़े रहे और जैसे ही गुरुजी पहुंचते उनकी आरती उतार कर सम्मानपूर्वक भिक्षा देते रहे। साथ ही भिक्षा रथ के साथ राम धुन की संगीत के साथ ग्रामीण गुरुदेव को प्रत्येक घरों पर ले गए।

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