सांकरा ज हायर सेकेंडरी स्कूल के मुद्दे को लेकर अब उग्र आंदोलन की हो रही तैयारी



जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू और शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष सहित सरपंचों ने दिया राज्यपाल के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन

आने वाले शिक्षा सत्र के पहले नए भवन को लेकर पहल नहीं होने पर दी गई है आंदोलन की चेतावनी

कलेक्टर ने कहा: मामले से हूं अवगत, इस पर जल्द ध्यान देंगे

बालोद। बालोद ब्लाक के सांकरा ज हायर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर हो चुके भवन को तोड़कर नया भवन बनाने और पूर्व में स्वीकृत हुए हो चुके कार्य को बहाल करते हुए काम शुरू करने की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू व शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भूपत बघेल के नेतृत्व में आसपास के पंचायत के सरपंचों ने सामूहिक रूप से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। मंगलवार को बालोद जिले में राज्यपाल रमेन डेका प्रवास पर थे। इस दौरान उनके नाम से ज्ञापन कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल को कलेक्टोरेट पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू और शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले सत्र के पहले अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हमें आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी है। भवन की समस्या से वे अवगत है। इस पर भी जरूर ध्यान देंगे और उनके आवेदन को मौके पर मौजूद जिला पंचायत के सीईओ डॉक्टर संजय कन्नौजे को देते हुए इस पर ध्यान देने की बात कही। इस दौरान आसपास के पंचायत के सरपंच और उनके प्रतिनिधि भी इस मामले में एकजुट होते हुए ज्ञापन देने के लिए पहुंचे हुए थे। सभी ने सामूहिक हस्ताक्षर के साथ ज्ञापन देते हुए शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर आने वाले सत्र के पहले नया भवन नहीं बना तो उग्र आंदोलन करेंगे। इसके लिए शासन प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होंगे।

क्या लिखा है ज्ञापन में

राज्यपाल छत्तीसगढ शासन के नाम दिए ज्ञापन में जिक्र है कि बालोद ब्लाक सांकरा (ज.) में शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला भवन का नवीनीकरण किया जाए। पूर्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद भी कार्य शुरू न होने के संबंध में बताया गया है।ज्ञात हो कि बालोद जिला के ब्लाक बालोद के ग्राम सांकरा (ज) में शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला का भवन विगत 30 वर्ष पुराना है। जो पिछले करीब 15 वर्षों से जर्जर की स्थिति में है। जिसके संधारण व नवीन भवन के लिए शाला प्रबंधन समिति एवं समस्त ग्रामवासी कई बार शासन से मांग कर चुके है। पूर्व में जब शाला भवन की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई तब ग्रामवासी द्वारा आंदोलन भी किया गया था। चूंकि ग्राम सांकरा (ज.) में आस-पास गांव के लगभग 450 विद्यार्थिगण अध्ययनरत है। जिनकी शिक्षा के लिए एकमात्र यह भवन है। जो कि आज की स्थिति में उपयोग करने के लिए उचित नही है । जिससे कई बार अनहोनी दुर्घटना घटित हो चुकी है। कई बार स्कूल भवन के छत का प्लास्टर व मलबा छात्रो के एवं शिक्षको के ऊपर गिर चुका है। जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल भी हो चुके है। इन सब मांगो को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व सरकार से मांग किये जाने पर दिनांक 15 मई 2023 को कार्यालय कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग बालोद संभाग बालोद द्वारा राशि स्वीकृति 121.16 लाख नवीन हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन निर्माण कार्य तथा 108.76 लाख राशि का अधीक्षण अभियंता दुर्ग के द्वारा दिनांक 21 अगस्त 2023 को तकनीकी स्वीकृति दिया गया था। विगत जनवरी 2025 को बालोद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जब शाला भवन का निरीक्षण किया गया तब उनके आदेशानुसार बच्चों को मिडिल एवं प्राथमिक शाला में शिक्षा हेतु स्थानांतरित किया गया। क्योंकि यह भवन किसी भी रूप से उपयोग में नही लाया जा सकता है । अन्य शाला भवन में उच्चत्तर माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओ के बैठने से स्थान संबंधी कठिनाई हो रही है। उपरोक्त गंभीर विषय की जानकारी जिले के समस्त उच्च अधिकारियो को ज्ञात है। परंतु अत्यंत दुर्भाग्य का विषय है कि आज पर्यंत तक भी किसी प्रकार का नवीन भवन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। न ही किसी प्रकार का कोई संधारण कार्य किया गया। जिसके कारण पूर्व की दुर्घटना की आशंका आज भी बनी हुई है। इस संबंध में शाला प्रबंधन समिति द्वारा मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन दे चुके है। इसके बावजूद आज तक कोई भी पहल नही हुई है।

ज्ञापन में दी गई उग्र आंदोलन की चेतावनी

पूर्व में स्वीकृत राशि को पुनः शाला भवन निर्माण हेतु आदेशित करने की मांग की गई। वहीं ज्ञापन के जरिए चेतावनी दी गई है कि आस-पास के ग्रामवासी, जनपद क्षेत्र व जिला पंचायत क्षेत्र के समस्त आम जनता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगें। जिसकी समस्त जिम्मेवारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वाले में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष भूपत बघेल,सांकरा ज की सरपंच लता चुरेंद्र, दरबारी नवागांव के सरपंच गिरीश निर्मलकर, डेंगरापार की सरपंच पूर्णिमा आमले, घनश्याम आमले, नारद चुरेंद्र, जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू की मीडिया प्रभारी माधुरी दीपक यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

सरपंचों ने की दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ग्राम वासियों को बच्चों के हित में एकजुट होने की अपील

ज्ञापन सौंपने वाले सरपंचों सहित शाला प्रबंधन समिति के लोगों ने वर्तमान में पढ़ रहे बच्चों के पालकों और अन्य ग्रामीणों से भी अपील की है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शाला भवन के जल्द निर्माण को लेकर सभी को एकजुट होना होगा। तभी कुछ हो पाएगा ।वरना अधिकारी सिर्फ झूठा आश्वासन देकर मामले को टालते रहेंगे। सरपंचों ने कहा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा के मंदिर को बचाने के लिए सबको आगे आना चाहिए। हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि स्कूल सांकरा में है, जगन्नाथपुर या हमारे ग्राम में नहीं? वहां आसपास के 7 गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। अपना न सही, हम तो पढ़कर निकल चुके हैं। पर हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए सोचिए? आने वाले सत्र तक अगर वहां भवन बन जाता है तो हमारे आने वाली पीढ़ी/ बच्चों को लाभ मिलेगा। वरना जर्जर भवन में बच्चों को बैठना तो बंद करवा ही दिया गया है,कब तक आखिर मिडिल और प्राइमरी स्कूल के (उधारी के भवन) में 9वी से 12वीं की कक्षा लगेगी। इस पर गंभीरता से विचार करें और पंचायत और ग्रामवासी सभी एकजुट होकर इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की तैयारी करें। तब जाकर कुछ होगा वरना सिर्फ झूठा आश्वासन मिलता रहेगा। शाला प्रबंधन समिति के लोगों ने बताया दुख की बात है कि 1 करोड़ 21 लाख रुपए स्वीकृत हो जाने के बावजूद वित्त विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लटका दिया गया और सत्ता बदलने पर इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जबकि शिक्षा के मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर स्वयं यहां जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में भवन की स्थिति देखकर गए थे। जिला शिक्षा अधिकारी भी खुद भवन देखकर उसे खाली करवा चुके हैं। पर उसे तोड़कर नया भवन बनवाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया गया। शासन प्रशासन को जगाने के लिए बच्चों और पालकों के साथ जनप्रतिनिधियों को आगे आना होगा। जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू जगन्नाथपुर के गांव की बेटी होने और उसी स्कूल में पढ़ी होने के नाते इस काम में लगातार जुटी हुई है। शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष भूपत बघेल भी इसके लिए लगातार प्रयास कर रहें हैं। पर स्कूल भवन बनवाने को लेकर सब मिलकर ध्यान दें तो यह आने वाली पीढ़ी के लिए भी अच्छा होगा । वहीं कुछ लोगों की छोटी सोच और दलगत राजनीति के चलते गांव में आज तक कॉलेज नहीं खुल पाया। आज भी क्षेत्र के बच्चों को अपने गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर बालोद कॉलेज या फिर 20 किलोमीटर दूर अर्जुंदा कॉलेज में अध्ययन के लिए जाना पड़ता है। 12वीं के बाद पढ़ाई करना क्षेत्र के बच्चों के लिए मुश्किल भरा सफर हो जाता है। स्कूल और कॉलेज के मामले में कोई बीजेपी, कांग्रेस या अन्य कोई पार्टी वाली बात नहीं होनी चाहिए, सबको मिलकर हमें हमारे बच्चों के लिए स्कूल भवन बनवाने और आगे चलकर यहां कॉलेज खुलवाने के लिए एकजुट होना होगा। वरना सत्ता आती जाती रहेगी। सीएम और नेता और अधिकारी झूठा आश्वासन देकर अपनी जाते रहेंगे। उपरोक्त बातों पर मंथन और विचार कर सांकरा हायर सेकेंडरी स्कूल भवन बनवाने और भविष्य में कॉलेज खुलवाने को लेकर जारी अभियान का हिस्सा बनने की अपील सरपंचों ने की है।

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