बालोद। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर की ओर से राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में 3 से 5 मार्च तक दिया गया। जिसमें क्रिएटिव लर्निंग के तहत राज्य से 50 शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया ।

इस क्रिएटिव लर्निंग प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के प्रतिभागी शामिल थे। बालोद जिला से प्रतिभा त्रिपाठी, पितांबर साहू व टिकेश्वर देशमुख सम्मिलित हुए। इस प्रशिक्षण में स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से उन्होंने अपने जिले का प्रतिनिधित्व किया। उनका सिलेक्शन एक गूगल फॉर्म के द्वारा तथा कुछ वैज्ञानिक प्रश्नों के आधार पर किया गया। कार्यक्रम में आईआईटी के डायरेक्टर डॉ राजीव प्रकाश तथा कोऑर्डिनेटर के रूप में डॉक्टर महबूब आलम शामिल रहे। राज्य परियोजना कार्यालय की प्रतिनिधि के रूप में राजकुमार चाफेकर सर , विवेक शर्मा सर उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार हम बच्चों को कितने सरल और सहज तरीके से उनके जिज्ञासा को शांत कर सकते हैं। प्राथमिक स्तर से ही बच्चों में विज्ञान व गणित के प्रति रुचि पैदा करने के लिए सर्वप्रथम उनके आसपास की चीजों से जुड़ाव करते हुए दैनिक जीवन में विज्ञान को कैसे शामिल करें यह बताया गया। प्रशिक्षण में आईआईटी भिलाई के अलग-अलग प्रोफेसर ने फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी मैथ्स पर अपने विचार साझा के तथा साथी आईआईटी के केमिस्ट्री फिजिक्स व बायो लैब का सभी प्रशिक्षणार्थियों को भ्रमण कराया गया । साथ ही चाफेकर सर के द्वारा विद्यालय के कार्य योजना को बनाकर आप किस तरह से इस प्रशिक्षण की सार्थकता को अपने छात्रों के बीच लाकर इस प्रशिक्षण को सार्थक बनाए, इस पर भी उन्होंने प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि आप सभी अपने विद्यालय में अपनी कार्य योजना बनाकर उस पर कार्य कर हमें अवगत कराये। महबूब आलम सर के द्वारा अपने विघालय के सभी बच्चों को आई आई टी भिलाई में भ्रमण करवाने के तहत मार्गदर्शन दिया गया। जिससे हमारे ग्रामीण शाला के बच्चे भी रिसर्च, प्रयोगशाला व वहां के कार्यों से अवगत हो सकें कि किस तरह से आई आई टी भिलाई में बच्चे अपनी क्षमता व कौशल का विकास करते हैं।
