इनके खातों से होती थी साइबर ठगी: बालोद पुलिस की म्यूल एकाउंट धारको के विरुद्ध की गई सबसे बड़ी कार्रवाई:चंद पैसो के लिए बैंक खाता, एटीएम ,सिम उपलब्ध कराने वालो लोगों की हुई गिरफ्तारी



म्यूल बैंक खाता धारक समेत संवर्धक/ब्रोकर के विरूद्ध की कई कार्रवाई, प्रकरण में संलिप्त 09 आरोपियों को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार

बालोद। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक बालोद एस आर भगत के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के पर्वेक्षण व एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व मे थाना क्षेत्र मे आनलाईन के माध्यम से लोगो से ठगी करने वालो पर सतत नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से थाना बालोद क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र बालोद शाखा के म्यूल एकांउट खाता धारको का अवलोकन पर पाया गया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र IFSC CODE MAH002398 में कुल 10 बैंक ऑफ महाराष्ट्र खाता धारको के एकाउंट में देश के अलग अलग राज्यो में हुए अनेको लोगो से हुए अलग अलग सायबर फ्राड का कुल रकम करीब 3 लाख 19 हजार145 रूपये को 10 खातो में प्राप्त किया गया है। उपरोक्त कुल 10 बैक खातो में अवैध धन लाभ अर्जित करने के लिए बैक खातो का इस्तेमाल कर रकम प्राप्त करना पाया गया तथा उन खातो मे आनलाईन ठगी के रकम प्राप्त हुई है। इन खातो के संबंध में दिगर राज्यों से आन लाईन शिकायत पंजीबद्ध होना पाया गया।

संदिग्ध उक्त कुल 10 बैंक खातो का उपयोग आनलाईन ठगी के रकम प्राप्त करने में प्रयोग होने व अवैध धन लाभ अर्जित करने के लिए उपयोग मे लिया जाना तथा उपरोक्त खाता धारको द्वारा यह जानते हुए कि उक्त रकम छल से प्राप्त किया गया रकम है तथा कई खाते जिसमे साईबर फ्राड के पैसे एक से अधिक बार जमा हुए है, उपरोक्त सभी खाता धारको के द्वारा अपराधिक षडयंत्र कर साईबर फ्राड कर अवैध धन अर्जित करना पाये जाने से उपरोक्त बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सभी 10 म्यूल बैंक खाता धारको के विरूद्ध बीएनएस की धारा 317(2),317(4),318(4),61(2),(ए), 111 बीएनएस 2023 पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। विवेचना दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र बैक के खाता धारको को नोटिस जारी कर थाना बुलाकर पुछताछ किया गया। जिस पर आरोपीगण द्वारा देश के अलग अलग हिस्सो से साइबर ठगी की राशि को अपने एकाउंट मे लेना स्वीकार किये। बैंक खाता को किराये पर देने एवं किराये पर लेने वाले के उपर कार्यवाही की गई तथा अब तक 3,19,145 लाख का ट्रांजेक्शन डिटेल की जानकारी प्राप्त की गई है। अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही एवं अन्य म्यूल खाता धारको के सबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। जिस पर कार्यवाही किया जाना है।

इन खाताधारको पर हुई कार्रवाई

01.उमेश कुमार निषाद पिता संतराम उम्र 28 साल ग्राम हीरापुर थाना बालोद जिला बालोद

02.अभिषेक चौरे पिता अशोक चौरे उम्र 21 वर्ष ग्राम तरौद थाना व जिला बालोद

03.जितेन्द्र कुमार पिता शान्ता राम गावडे उम्र 24 साल ग्राम हर्राठेमा थाना व जिला बालोद

04.खिलेन्द्र रायपुरिया पिता श्री राम सेवक रायपुरिया उम्र 25 साल साकिन जवाहरपारा बालोद वार्ड क्र 11 थाना व जिला बालोद

ये खाता उपलब्ध कराने वाले संवर्धक/ब्रोकर भी हुए गिरफ्तार:-

05.नारायण सोलवंशी उर्फ बबलु पिता भुखऊ राम उम्र 37 वर्ष साकिन संजय नगर दशहरा तालाब के पास बालोद थाना व जिला बालोद।

06.उत्कर्ष गुप्ता पिता हरर्शंद गुप्ता उम्र 38 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 69 इन्द्रप्रस्त कालोनी रायपुरा थाना डी.डी. नगर रायपुर जिला रायपुर (छ.ग.)

07.करण यादव पिता अशोक यादव उम्र 25 वर्ष साकिन नवापारा राजिम जिला रायपुर(छ.ग.)

08.हिमांशु ईसरानी पिता गोविंद ईसरानी उम्र 26 वर्ष साकिन नवापारा राजिम जिला रायपुर(छ.ग.)

09.अजमल रजा उर्फ बाबर पिता गुलाम मोहम्मद उम्र 27 वर्ष साकिन कुलेश्वर मेडिकल के सामने रायपुर रोड राजिम जिला गरियाबंद(छ.ग)

इनकी रही कार्रवाई में भूमिका

उक्त म्युल एकांउट पर कार्रवाई में एस.डी.ओ.पी. देवांश सिंह राठौर, थाना प्रभारी बालोद रविशंकर पाण्डेय, सायबर प्रभारी उप निरीक्षक जोगेन्द्र साहू सायबर सेल प्र.आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, विवेक शाही, आरक्षक भोपसिंह साहू, संदीप यादव, विपिन गुप्ता, मिथलेश यादव, पूरन प्रसाद, योगेश पटेल, गुलझारी साहू, योगेश गेडाम, थाना बालोद से सउनि रामप्रसाद गजभिये, प्रधान आरक्षक दुर्योधन यादव, आरक्षक बनवाली साहू, मोहन कोकिला, खिलेश नेताम का विशेष योगदान रहा।

क्या होता है म्युल एकाउंट

म्यूल अकाउंट, मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अकाउंट होता है. मनी लॉन्ड्रिंग के लिए चोरी या धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफ़र किया जाता है. इस प्रक्रिया में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है. मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले अकाउंट को पता लगाने के लिए म्यूल अकाउंट डिटेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है. ऑनलाइन बैंकिंग सत्रों के दौरान, हज़ारों सुविधाओं का विश्लेषण करके मनी लॉन्ड्रिंग खातों की पहचान की जाती है।

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