DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में मनाया बसंत पंचमी उत्सव

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन कुछ खास चीजों की भोग लगाने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं,धन वैभव की प्राप्ति होती है :दयालूराम पिकेश्वर

शिक्षक सुनिल कुमार अलेन्द्र ने न्योता भोज अपने माता पिता स्मृति में कराया

बालोद। डौण्डी लोहारा विकास खण्ड आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में बंसत पंचमी उत्सव मनाया गया। बच्चों एवं शिक्षकों ने किया मां सरस्वती की पूजा अर्चना। इस अवसर पर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने मां सरस्वती की पूजा महत्व को बताया। बंसत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा विधि खास होती है । पूजा में सफेद फुल ,पिले वस्त्र, सफेद तिल,आमान की मौर और संगीत अर्पित किया जाता है।मां सरस्वती चरणों में वीणा और पुस्तक रखना शुभ मना जाता है।लोग इस दिन मां सरस्वती से ज्ञान और विद्या की प्राप्ति के लिए आर्शीवाद लेते है। दयालूराम पिकेश्वर प्रधान पाठक ने कहा कि बंसत पंचमी दिन मां सरस्वती विधिपूर्वक पूजा-पाठ करने और कुछ खास चीजों भोग लगाने से सरस्वती प्रसन्न होते है।धन वैभव की प्राप्ति होती होती है।

प्रकृति का उत्सव

बंसत पंचमी उत्सव माघ मास शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाया जाता है।इस पर्व को बंसत ॠतु के स्वागत के रुप में भी मनाया जाता है।माघ महीने से शीत ऋतु समाप्त होने लगती है।और प्रकृति के नई उर्जा का संचार होता है।खेतों में सरसों के फुल खिलते है जो बंसत पंचमी के प्रतीक रंग पीले को दर्शातेहैं। इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते है।और पीले रंग का भोजन जैसे खिचड़ी और हलवा बनाते है। इस अवसर सुनिल कुमार अलेन्द्र ने अपने माता पिता की स्मृति में न्योता भोज कराया गया।इस अवसर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर परसराम साहु दीनदयाल अटल सुनिल कुमार अलेन्द्र नारदराम भुआर्य भूमिका मोवाड़े उपस्थित रहे।

You cannot copy content of this page