संत श्री राम बालक दास जी पहुंचे कोलकाता
बालोद। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध संत रामबालक दास महात्यागी के दिव्य संकल्प एवं समस्त राम भक्तों के सहयोग से बन रहे विश्व के प्रथम मां कौशल्या धाम पाटेश्वर आश्रम में स्थापित होने वाली 7 फीट की दिव्य मां कौशल्या की मूर्ति इस समय मायापुर कोलकाता में बनाई जा रही है यहां पर मिट्टी की प्रतिमा बनाकर सांचा बनाया जाएगा। जिसे फाइबर से बनाकर फिर जयपुर राजस्थान ले जाया जाएगा। संत श्री राम बालक दास महात्यागी शुक्रवार को नियमित उड़ान से कोलकाता पहुंचे। जहां पर एयरपोर्ट में मूर्ति कला संघ के मनोज सहस्त्रबुद्धि, शिवम पॉल ने उनका स्वागत किया। जयपुर से आए प्रसिद्ध मूर्तिकार सत्यनारायण पांडे ने बताया कि मां कौशल्या कि यह मूर्ति विश्व में प्रथम बार बन रही है। आज तक कभी मां कौशल्या की मूर्ति कहीं पर भी नहीं बनाई गई । कोलकाता मायापुर के प्रसिद्ध मूर्तिकारों के द्वारा मिट्टी की यह मूर्ति बनाई जा रही है। फिर इसके मॉडल को जयपुर राजस्थान ले जाया जाएगा। वहां पर व्हाइट मार्बल से यह मूर्ति 2025 में ही बनाकर पूर्ण कर ली जाएगी। 2026 में श्री पाटेश्वर धाम जिला बालोद छत्तीसगढ़ में मां कौशल्या की दिव्य स्थापना होनी है। गोद में रामलला को लिए हुए मां कौशल्या की यह आज तक की विश्व की प्रथम मूर्ति मानी जा रही है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए संत श्री राम बालक दास ने कहा कि मां कौशल्या धाम की स्थापना केवल छत्तीसगढ़ का नहीं वरन संपूर्ण भारतवर्ष के सनातनी रामभक्तों का कर्तव्य है। अतः मुक्त हस्त से दान देकर सभी इसमें अपना सहयोग प्रदान करें।
