कार्यालयीन समय समाप्त होने के पहले गायब होने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की कलेक्टर ने दी है चेतावनी: विभिन्न विभागों एवं शाखाओं का किया आकस्मिक निरीक्षण



शाम 05.30 बजे के पहले कार्यालय से प्रस्थान करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगे कलेक्टर

बालोद। बालोद कलेक्टर ने जिले के समस्त विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया है।कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिले के समस्त विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को कार्यालय के सुचारू रूप से संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है। कलेक्टर द्वारा जारी किए निर्देश में कहा गया है कि कार्यालय में समस्त अधिकारी-कर्मचारियों केे प्रतिदिन कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 05.30 बजे तक निर्धारित है। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन कार्यालयीन समय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने अधीनस्थ कार्यालयों का सप्ताह में एक बार अनिवार्य रूप से आकस्मिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने कार्यालय में सप्ताह के दो दिन प्रथम पाली में आम जनता से भेंट मुलाकात हेतु समय निर्धारित करने के निर्देश दिए है, जिसमें सोमवार के दिन को अनिवार्य रूप से करने को कहा है। समस्त कार्यालय प्रमुख सोमवार को पूरे दिन कार्यालय में रहना सुनिश्चित करेंगें जिससे आम जन अपनी समस्या व मांग से अवगत करा सके। समस्त कार्यालय प्रमुख अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की दो महिनों में कम से कम एक बार बैठक अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिए हैं। जिसमें कार्यवाही विवरण जिला स्तर पर विभाग प्रमुख द्वारा संधारित की जाए। समस्त विभाग प्रमुख अपने विभागों के लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा है। जिसकी समीक्षा समय सीमा की बैठक में की जाएगी। समस्त विभाग प्रमुख सभी कार्यों के ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें। इसके अलावा 31 दिसंबर 2024 तक किए गये कार्यों का भुगतान ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं को 20 जनवरी 2025 तक की जाए। समस्त विभाग प्रमुख अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण के संबंध में तृतीय श्रेणी के पद उपलब्ध नहीं होने पर चतुर्थ श्रेणी पद की उपलब्धता के संबंध में आवेदक को पंजीकृत पोस्ट के माध्यम से अनिवार्य रूप से सूचित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी विभाग प्रमुखों को अपने विभाग के बैंक खातों की एक सूची बनाने, निष्क्रिय खाता को तत्काल बंद कर जिला कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह कैश बुक का मिलान 3 माह में कम से कम एक बार करने एवं अपने विभाग में संचालित केन्द्र एवं राज्य शासन के योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से संपादन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

आकस्मिक निरीक्षण कर कलेक्टर ने देखी व्यवस्था

कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने विगत दिनों संयुक्त जिला कार्यालय में विभिन्न विभागों एवं शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया था। उन्होंने प्रातः 10 बजे संयुक्त जिला कार्यालय के विभिन्न विभागों का एक-एक कर निरीक्षण करते हुए कार्यालय में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने जिला खनिज शाखा, आदिम जाति कल्याण विभाग, भू-अभिलेख शाखा, खाद्य विभाग, रिकार्ड रूम, जनसंपर्क विभाग, सांख्यिकी विभाग, जिला अंत्यावसायी, हथकरघा, जिला कोषालय, आबकारी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, निर्वाचन कार्यालय, श्रम विभाग, क्रेडा विभाग सहित संयुक्त जिला कार्यालय के विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर अधिकारी-कर्मचारियों के समय पर उपस्थिति का जायजा लिया। श्री चन्द्रवाल ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने तथा शाम 05.30 बजे के उपरांत ही कार्यालय से प्रस्थान करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होने वाले तथा शाम 05.30 बजे के पहले कार्यालय से प्रस्थान करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के समीक्षा बैठक में भी अधिकारियों को दिए निर्देश

कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल महतारी वंदन योजना के अंतर्गत इस योजना का लाभ लेने हेतु महिलाओं के आवेदन के पश्चात् सत्यापन हेतु लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्री चन्द्रवाल संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों का सूक्ष्मता से मिलान कर इसका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा है। जिससे कि जिले के कोई भी पात्र महिला इस योजना का लाभ लेनेे से वंचित न रहे। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत राज्य व केंद्र सरकार के विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. के के टंडन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री डीपी सिंह सहित परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों के वाटर फिल्टर के स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने ’ मोर लइका, स्वस्थ लइका ’ अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के स्थिति में सुधार के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने इन बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले में इस कार्य के प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने पोषण ट्रेकर एप्प की एंट्री के कार्यों की समीक्षा करते हुए विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रतिदिन इसकी समुचित माॅनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना के क्रियान्वयनों की समीक्षा करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु बहुत ही कारगर एवं महत्वपूर्ण योजना बताया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरतमंद महिलाओं के प्राथमिकता के साथ इस योजना का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने इस योजना का समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में नोनी सुरक्षा योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने सभी पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन, प्रगतिरत एवं अपूर्ण आंगनबाड़ी भवन निर्माण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। श्री चन्द्रवाल ने सभी परियोजना अधिकारियों सहित विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से इसकी माॅनिटरिंग कर अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी भवनों में विद्युतीकरण, ओवरहेड टैंक के स्थापना की भी समीक्षा की। श्री चन्द्रवाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए इसे शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी एवं महात्मा गांधी के निर्वांण दिवस 30 जनवरी को शुष्क दिवस घोषित

छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस एवं महात्मा गांधी के निर्वांण दिवस 30 जनवरी को जिले के देशी, विदेशी मदिरा दुकानों को पूर्णतः बंद रखने हेतु शुष्क दिवस भी घोषित किया है। कलेक्टर ने शासन के निर्देश बिंदु 16(16.1) के अंतर्गत जिले के देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान एवं विदेशी मदिरा दुकान को 26 जनवरी एवं 30 जनवरी 2025 को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस अवधि मेें मदिरा का संव्यवहार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

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