4 नवंबर से जारी सेवा सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल भी हुई समाप्त, काम पर लौट रहे
बालोद। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के मार्गदर्शन में बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर 14 नवंबर से धान खरीदी हेतु जिले के 143 धान उपार्जन केन्द्रों में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी के कार्य को निर्विघ्न एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु सभी धान उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में मंगलवार तक की स्थिति में खरीफ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु 01 लाख 54 हजार 144 किसानों ने पंजीयन कराया है। जिसमें धान बोनी रकबा 01 लाख 64 हजार 576 हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी पंजीकृत किसानों से शतप्रतिशत बॉयोमेट्रिक से की जाएगी।

यदि किसान का अंगूठा मिलान नहीं करता है तो उनके द्वारा नियुक्त नामिनी के द्वारा धान का विक्रय किया जा सकेगा। उसके उपरांत भी यदि कोई समस्या आती है तो तीसरा विकल्प ट्रस्टेड पर्सन एवं चौथा विकल्प मोबाईल ऐप से ओटीपी के माध्यम से धान की खरीदी की जाएगी। इस तरह इस वर्ष किसानों को धान के विक्रय हेतु चार प्रकार की सुविधा दी गई है। शासन के निर्देशानुसार सीमांत एव लघु कृषको से 02 टोकन में एवं दीर्घ किसानी से 03 टोकन में धान की खरीदी की जाएगी। धान की खरीदी हेतु सभी उपार्जन केन्द्रों में नए जूट बारदाने प्रदाय किए गए हैं। साथ ही पुराने बारदाने नियमित रूप से उपार्जन केन्द्रों में भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान की खरीदी शतप्रतिशत इलेक्ट्राॅनिक तराजू से की जाएगी। जिला खाद्य अधिकारी ने पंजीकृत किसानों से अपील की है कि धान विक्रय हेतु टोकन कटाने के पूर्व भली-भांति देख लें कि वे यदि सीमांत या लघु कृषक हैं तो उन्हें 02 ही बार टोकन धान विक्रय हेतु मिलेगा। उसी प्रकार दीर्घ कृषकों को 03 बार टोकन में ही उत्पादित धान का विक्रय करना होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसान अपना उत्पादित धान विक्रय करने के पश्चात् शेष रकबा बचता है तो समिति को लिखित में सहमति पत्र दे सकते हैं, कि वे अब और धान नहीं बेचना चाहते हैं। किसी भी स्थिति में किसी व्यापारी, कोचिया या अन्य किसान का धान अपने पंजीयन के खाते में विक्रय न करें। जांच के दौरान ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबंधित को कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि धान साफ-सुथरा एवं सुखाकर लाएं। यदि धान में कंकड़, पत्थर बदरा (औसत अच्छी किस्म का नहीं) होने से एवं 17 प्रतिशत से नमी अधिक होने पर धान की खरीदी नहीं हो सकेगी।
