बालोद/ गुरुर। गुरुर ब्लॉक के ग्राम धनेली के रहने वाले कपिल साहू इन दोनों कबाड़ से जुगाड़ कर इलेक्ट्रिक बाइक बनाने के नाम पर चर्चा पर है। यूट्यूब से वीडियो देखकर नए आइडिया लेकर कपिल ने यह तरीका अपनाया है। उन्होंने बताया कि मेरा एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान है । दुकान आने जाने के लिए पेट्रोल बाइक में जाना पड़ता था तो मेरा पेट्रोल का खर्चा बहुत ज्यादा आता था। सामान के लिए 5 साल से खोज कर रहा था । तो मैं यूट्यूब देखा ।उसके माध्यम से मैं सामान पता किया और रायपुर में मिला। उसकी लागत 30 से 35 हजार खर्चा आया । 2 दिन में ही बाइक तैयार कर दिया । 2000 में उन्होंने एक बॉक्सर बाइक को कबाड़ में लिया था। जिसे अब नया रूप दे चुके। जिसमें 200 किलोग्राम आराम से वजन ले जा सकते हैं। चार्जिंग टाइम 8 घंटा है। एक चार्जिंग में 50 किलोमीटर तक बाइक चल जाती है। कपिल ने बताया मैं 2 साल से बैटरी से चलने वाला कुलर बनाया हूं। जो सोलर पैनल में भी चलेगा बैटरी में भी चलेगा। लाइन में भी चलेगा। यह छत्तीसगढ़ का पहला आविष्कार है। आगे उनकी इलेक्ट्रिक कार बनाने की सोच है पर उसमें करीब डेढ़ लाख खर्च आएगा। मेरे पास इतना पैसा नहीं है। शासन प्रशासन से कुछ सहायता मिल जाता तो वह भी बना लेता। साथ ही कृषि यंत्र का भी आविष्कार करना चाह रहें हैं।
कुछ हटकर करने का जुनून: कबाड़ से जुगाड़ कर इस ग्रामीण ने बना दिया इलेक्ट्रिक बाइक, 8 घंटे की चार्जिंग के बाद चलती है 50 किलोमीटर दूर तक
