ब्रह्माकुमारी बहनों ने बताया रक्षाबंधन का रहस्य



बालोद।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद की ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा अपने सेवाकेन्द्र के अलावा नगर के वृध्दाश्रम, अनाथ आश्रम, मूकबाधिर, घरौंदा आश्रम के अलावा नगर के 21 वीं बटालियन जवान, जिला जेल, वनविभाग, कोतवाली थाना, बिजली विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी के अलावा नगर के पालिकाध्यक्ष विकास चोपड़ा,कलेक्टर इंद्रजीत चंन्द्रवाल , पुलिस अधीक्षक एस. आर. भगत, एसडीओ पी देवांश राठौर रविकांत पाण्डेय(टी. आई.), 21 वीं वाहिनी बटालियन के जवानों को, नगर के वृध्दा आश्रम, अनाथ आश्रम, कोतवाली थाना, जेल, बटालियन, वनविभाग तथा समस्त विभागो के अधिकारी कर्मचारी एवं नगर के वरिष्ठ गणमान्य भाई-बहनों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का रहस्य बताया गया। इस अवसर पर संस्था की मुख्य संचालिका राजयोगिनी बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आध्यात्मिकता एवं पवित्रता का यह त्यौहार भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता की अभूतपूर्व परम्परा है, जो युगो से चली आ रही है, परंतु वर्तमान समय व्यवहारिक जीवन में इसका बाह्म स्वरूप ही दृष्टिगोचर हो रहा है।

इसके पीछे छिपी हुई भावनामय क्रियाशक्ति जीवन से लुप्त हो रही है। अतः इस पुनीत अवसर पर भ्रातृत्व प्रेम एवं सद्भावना के प्रतीक स्वरूप तथा आत्मिक स्वरूप की स्मृति दिलाने हम अपनी बुर्रायों , विकारों और व्यसनों से मुक्त हो जाते है। परमात्म प्रेम के बंधन में बंधकर सबके साथ मधुर व्यवहार, मधुर बोल और मधुरता का संस्कार धारण करते है और आपस में मधुरता का संबंध निभाते है। इसी तरह से हम एक दो का मुख मीठा करते है, मधुर व्यवहार करना सीख जाते है।

You cannot copy content of this page