पलारी में फैला डायरिया, एक महिला की हो चुकी मौत, 20 से ज्यादा लोग बीमार



महिला की मौत का कारण ग्रामीणों ने बताया डायरिया, बीएमओ ने कहा हार्ड अटैक से हुई है मौत

दीपक देवदास, गुरुर। ग्राम पलारी में इन दिनों डायरिया का प्रकोप देखने को मिल रहा है । जिसके चलते एक महिला की मौत तक हो गई है। तो वही 20 से ज्यादा ग्रामीण इसके शिकार हो गए हैं। उल्टी दस्त से लोग परेशान हैं। लगभग 10 ग्रामीणों को निकट धमतरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी भी रखी जा रही है। ग्रामीणों को कहना है कि जिस महिला वासंतीन बाई उम्र 45 वर्ष की मौत हुई है। उसे डायरिया हुआ था। डायरिया के कारण ही उसकी जान गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। बीएमओ जी आर रावटे का कहना है कि महिला को डायरिया जरूर हुआ था। लेकिन वह ठीक होकर अस्पताल से चली गई थी। उसके बाद में उसकी तबीयत बिगड़ी है। प्रारंभिक जांच से पता चला कि उसे हार्ट अटैक आया था। एक दो बार उल्टी दस्त या डायरिया होने से कोई मौत नहीं होती। इधर इस मौत से ग्रामीणों में दहशत फैल गया है। परिस्थिति के लिए पंचायत प्रशासन को जिम्मेदार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी टंकी की सफाई नहीं होती है। साथ ही कुछ जगह पर ऐसे टंकी बनाए गए हैं जहां आसपास नाली भी है। जहां नली का गंदा पानी पाइप लाइन में लीकेज होने से नलों तक पहुंच रहा है। जिसे लोग पीकर बीमार हो रहे हैं। ग्रामीण कह रहे इस डायरिया के प्रकोप के चलते एक महिला वासंतीन साहू की मौत भी हो गई है। जिनका रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीण दहशत में है कि कब किसके घर में मुसीबत आ जाए। लोग पानी पीने से भी घबरा रहे हैं। तो वहीं स्वास्थ्य विभाग पानी की टेस्टिंग करवा कर उचित समाधान निकालने में भी जुटा हुआ है। लोगों को पानी उबाल कर और छान कर पीने की सलाह दी जा रही है। तो ही मितानिनों के जरिए भी घर-घर पर जांच कर आवश्यक दवाइयां भी वितरित की जा रही है। जल स्रोतों की साफ सफाई भी जारी है। अब तक 20 से ज्यादा मरीज डायरिया के मिल चुके हैं। यह आंकड़ा बढ़ते क्रम पर भी है।

डायरिया से मौत को विभाग ने नकारा

भले ही ग्रामीण महिला की मौत को डायरिया से बता रहे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे पूरी तरह से नकारा है। बीएमओ का कहना है कि महिला की मौत का कारण अलग है। वासंतीन बाई साहू पति राम भरोसा 45 साल को सीने में दर्द हुआ, हार्ट अटैक आया थम एक दो बार उलटी दस्त हुआ। लेकिन प्रारंभिक जांच में हार्ड अटैक से मौत का पता चला है। उल्टी दस्त होने पर वह इलाज करवाकर ठीक होकर घर चली गई थी। इसमें पूरा पंचायत की लापरवाही है। पाइप लाइन ठीक कराने बोलने पर भी ध्यान नहीं दिया गया। लोगों की भी शिकायत थी कि नलों में गंदा पानी आ रहा है।

बीएमओ ने कहा पंचायत प्रशासन की है लापरवाही :पानी टंकी की नहीं हुई थी सफाई

इस मामले में जब हमने बीएमओ जीआर रावटे से बात की तो उन्होंने पंचायत प्रशासन की लापरवाही बताया। बीएमओ ने कहा कि हमने पहले भी पंचायत प्रशासन को टंकी की साफ सफाई और पाइपलाइन को लेकर दुरुस्त करने के लिए कहा था। लेकिन पंचायत प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया था। गर्मी में ही यह काम हो जाना था फिर भी नहीं हुआ । हालांकि अभी स्थिति ठीक है। आज तीन लोगों को धमतरी रेफर किया गया है। 8 से 10 लोग स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही भर्ती कराए गए थे। स्थिति कंट्रोल में है। हमारी टीम लगातार वहां तैनात रहकर लोगों की जांच कर रही है। पाइपलाइन भी कई जगह लीकेज हो रहा था। जिसके वजह से यह परेशानी हुई। अभी सामान्य दस्त वाले हैं। स्थिति कंट्रोल में है।

ब्लॉक का सबसे बड़ा पंचायत फिर भी लापरवाही

ज्ञात हो की गुरुर ब्लॉक का सबसे बड़ा पंचायत पलारी को ही माना जाता है। यहां की आबादी भी सबसे ज्यादा है। तो वही यहां का राजस्व आवक भी ज्यादा है। इसके बावजूद पलारी पंचायत प्रशासन के जिम्मेदार लोगों द्वारा पेयजल स्रोतों की साफ सफाई को लेकर ध्यान ना दिया जाना बड़ा सवाल पैदा करता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत को पहले से ही निर्देशित किया गया था कि पानी टंकी की सफाई करवाए। जहां लीकेज है उन्हें सुधरवाए। लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा था। गंदे पानी के बीच पाइप लाइन का वाल्व भी डूबा हुआ था। जिससे पूरी गंदगी पेयजल में समाहित हो रही थी। और इसे लोग पीकर बीमार पड़ रहे थे। अब डायरिया फैलने के बाद पंचायत प्रशासन सुध ले रहा है। अगर यही काम पहले से हुआ होता तो ऐसी नौबत नहीं आती।

You cannot copy content of this page