बालोद ।सद्गुरु कबीर साहेब की परंपरा के महान संत स्वरुपलीन सद्गुरु अभिलाष साहेब जी की 91 वीं जन्म जयंती समारोह का आयोजन श्री कबीर आश्रम करहीभदर में 17 अगस्त शनिवार को किया जा रहा है। इस अवसर पर संतो ने लोगों को स्वरुपलीन सद्गुरु अभिलाष साहेब जी के जीवन संदेश को आत्मसात् करने अपील की है। कार्यक्रम समय : सुबह 10 बजे से 02 बजे तक है। सद्गुरु का महाप्रसाद 2 बजे से वितरित होगा। वहीं ज्ञान ध्यान शिविर 22 से 26 सितम्बर तक कबीर आश्रम करहीभदर में होना है जिसमें भाग लेने के लिए मोबाईल नम्बर 8818841112, 9889085468,8564886665 पर संपर्क कर सकते हैं। आश्रम के देवेंद्र साहेब ने बताया कि
सदगुरू कबीर के पारख-सिद्धांत को भारत में प्रचार-प्रसार करने में संतप्रवर अभिलाष साहेब का अतुलनीय योगदान रहा है। 20 वर्ष की अवस्था से गृह त्याग कर, अविरत सत्य धर्म की स्थापना में जन-कल्याण हेतु अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। लगभग 60 वर्षों से कर्मयोगी बनकर ज्ञान की ज्योति को सतत् प्रभावान बनाने में लगे रहे।
“पारख प्रकाश” त्रैमासिक पत्रिका के सम्पादक, कबीर पारख संस्थान, इलाहाबाद के संस्थापक तथा बीजक व्याख्या, कबीर दर्शन, महाभारत मीमांसा, रामायण रहस्य, गीतासार, वेद क्या कहते हैं, लाओत्ज़े क्या कहते हैं, बुद्ध क्या कहते हैं, शंकराचार्य क्या कहते हैं, योगदर्शन, उपनिषद् सौरभ, अष्टावक्र गीता, कबीर परिचय, विवेकप्रकाश टीका, पंचग्रंथी टीका, स्त्री बाल शिक्षा, व्यवहार की कला तथा सौ से अधिक ग्रन्थों के लेखक एवं टीकाकार थे। उनकी ओजस्वी वाणी में कबीर दर्शन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के ऋषि-मनीषियों के उद्गार समाहित रहते थे। 80 वर्ष की अवस्था में भी निष्पक्ष-सत्यदर्शन की अजस्र ज्ञान-गंगा के शोध-विवेचन में रत रहते रहे।इस बीच 26 सितम्बर 2012 को दुनिया को अलविदा कह गये। अभिलाष साहेब का पूर्व नाम श्री राम सुमिरन शुक्ल था। उनका जन्म स्थान खानतारा, बस्ती (सिद्धार्थ नगर), उ० प्र० है।
सतगुरु अभिलाष साहेब की जयंती पर 17 अगस्त को होगा कबीर आश्रम करहीभदर में विशेष कार्यक्रम












