दो बच्चों की मौत ने किया बीईओ को द्रवित: डौंडीलोहारा ब्लॉक के 300 स्कूल में लग चुके तड़ित चालक, बच्चों को किया जा रहा बिजली से बचाव के लिए जागरूक



बच्चों के साथ पालकों को भी दी जाएगी दामिनी ऐप की जानकारी

बालोद। बारिश के दिनों में आकाशीय बिजली से होने वाले दुर्घटना से बचाव के लिए डौंडीलोहारा ब्लॉक के 300 स्कूलों में तड़ित चालक लगाया जा चुका है ।बहुत जल्द ही सभी स्कूलों में यह काम पूरा हो जाएगा। प्रोजेक्ट आकाशीय बिजली आपदा प्रबंधन योजना के तहत यह काम किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ग्राम संजारी में दो बच्चों की मौत के बाद यह योजना बनाई गई। इस घटना से द्रवित होकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु मिश्रा के नेतृत्व में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एके साहू, विकासखंड स्रोत समन्वयक दिनेश मालेकर व समस्त संकुल समन्वयको की उपस्थिति में बैठक आहूत की गई व इस दुखद घटना को मद्देनजर रखते हुए इस तरह की अपूरणीय क्षति से भविष्य में बचाव हेतु सर्वसहमति से यह निर्णय लिया गया कि विकासखंड डौंडी लोहारा अंतर्गत समस्त शालाओं में जन जागरूकता प्रचार – प्रसार व जन सहयोग के माध्यम से आकाशीय बिजली आपदा प्रबंधन योजना अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक शालाओं में तड़ित चालक लगाए जाएं व क्षेत्री स्तर पर समस्त शिक्षकों और पालकों को दामिनी ऐप ( पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार एवं मौसम विभाग द्वारा निर्मित ) ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कराने का प्रयास करेंगे। जिससे जिससे किसी भी स्थान पर आकस्मिक आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट समय पूर्व प्राप्त हो सके। विकासखंड डौंडीलोहारा इस तरह की पहल जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी पी सी मरकले के मध्यम से कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल व जिला पंचायत सीईओ डा. संजय कन्नोजे को अवगत करवाया गया तो उन्होंने इस पहल की सराहना की थी।

बच्चों को इस तरह किया जा रहा जागरूक

सभी स्कूलों में तड़ित चालक यंत्र का कार्य तेजी से प्रारंभ हुआ । साथ ही जन जागरूकता अभियान चला कर आकाशीय बिजली से आपदा प्रबंधन, एवम बचाव के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधि सुरक्षित शनिवार अंतर्गत जैसे- निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता, एवम विभिन्न प्रकार की रोचक गतिविधि से बच्चों को जागरूक किया गया। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए दामिनी एप के बारे में बच्चों , शिक्षकों को एवं ग्रामीणों को अवगत कराया गया।

पालकों को भी दी जा रही जानकारी

विकासखंड डौंडीलोहारा के लगभग 300 शालाओं में तड़ित चालक यंत्र लगाया जा चुके हैं । सैकड़ो की संख्या में दामिनी ऐप डाउनलोड किया जा चुका है। 6 अगस्त को होने वाली पालक शिक्षक मेगा बैठक में भी अन्य महत्वपूर्ण विषयों के साथ-साथ आकाशीय बिजली आपदा प्रबंधन योजना से संबंधित आवश्यक जानकारियां समस्त पालकों को दी जाएगी ।

दामिनी ऐप क्या है?

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार से संबंध संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट आफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (IITM) पुणे द्वारा निर्मित किया गया हैं। दामिनी एप मौसम विभाग की ओर से तैयार किया गया एक मोबाइल ऐप है, जो बिजली गिरने से लोगों को सावधान करने के लिए मौसम विज्ञान विभाग संस्थान पुणे ने दामिनी एप विकसित किया है. इस ऐप के जरिए खासतौर पर बारिश के दिनों में होने वाले वज्रपात की सटीक और सही जानकारी मिल जाती है
उल्लेखनीय है कि.विकासखंड डौंडी लोहारा अंतर्गत ग्राम संजारी में 5 जून को आकस्मिक आकाशीय बिजली गिरने की हृदयविदारक घटना से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला संजारी के विद्यार्थी दो सगे भाइयों की उनके घर पर असमय मृत्यु बहुत ही पीड़ा दायक घटना थी। इस घटना से योगेश प्रताप सोनकर (उम्र 14) व खेमराज सोनकर (उम्र 12) (पिता राम खिलावन सोनकर ) की घर पर ही आंगन में मोबाइल देखते समय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई थी।जिससे ग्राम सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के लोगो को हिला दिया था।बी ई ओ हिमांशु मिश्रा को इस घटना ने इतना उद्वेलित किया कि उन्होंने इस प्रकार की घटना भविष्य में न हो व स्कूल के बच्चे भी आकाशीय बिजली जैसे प्राकृतिक आपदा से बच सके इस हेतु विकास खण्ड के सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगाने व आपदा प्रबंधन बचाव हेतु कुछ नवाचार करने अपने उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन व स्टॉफ व संकुल समन्यवको की मदद से यह बीड़ा उठाया व आज नतीजा सबके सामने है। जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के लगभग तीन सौ स्कूल आकाशीय बिजली आपदा के क्षेत्र में सुरक्षित जोन में है ।

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