डौंडी। “हरेली तिहार’ छत्तीसगढ़ का प्रथम त्यौहार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मरदेल में बडे धूमधाम के साथ मनाया गया | शाला में किसानी कार्य में उपयोग होने वाले औजारों को धोकर उसकी पूजा अर्चना किया गया और छत्तीसगढ़ी व्यंजन के साथ-ही-साथ भाजी भी चढ़ाया गया ।शिक्षिका मोना रावत ने हरेली का अर्थ बताते हुए कहा कि हरा अर्थात हरित या हरियाली। इसे मनाने का उद्देश्य देवताओं की कृपा और बरसात के साथ भूमि में आने वाले हरियाली की प्राप्ति का आभास कराना होता है। शिक्षक टी. एल.देशमुख ने हरेली तिहार को ओर विस्तार से बताते हुए छत्तीसगढ़ के परंपरा और लोगों के संस्कार पर प्रकाश डाला। शिक्षक हरिशंकर नरेटी ने कहां की हरेली का आयोजन प्रमुखत: गांवों में किया जाता है।हरेली उत्सव के साथ-ही-साथ शिक्षिका मोना रावत के पुत्र लव रावत, कक्षा छठवीं के छात्र स्वरूप और प्री आदिवासी बालक छात्रावास अधीक्षक दशरथ लाल यादव के जन्मदिन केक काट कर न्योता भोज के रूप में मनाया गया। इस कार्यक्रम में जनपद सदस्य रमिता मरकाम, संकुल समन्वयक कुंजाम, संस्था प्रमुख के.के सोनवानी, प्राथमिक शाला के शिक्षक साहू व ठाकुर सर, भृत्य श्याम चरण और बिहान समूह के समस्त सदस्य उपस्थित थे।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मरदेल में मना हरेली का पर्व
