बालोद । गंगा मैया बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर बालोद में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन के मुख्य अथिति आर्ट आफ लिविंग के योग शिक्षक रविप्रकाश पांडेय थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष भरत गांधी ने की। विशेष अतिथि छात्रावास अधीक्षक पेमेश्वर साहू शिशु मंदिर के व्यवस्थापक लीलाधर साहू एवं विद्यालय के प्राचार्य दीनदयाल साहू थे। सर्व प्रथम विद्या की देवी माँ सरस्वती के मूर्ति पर पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के आसन्दी से रविप्रकाश पांडेय ने कहा कि जीवन एक अदृश्य यात्रा है। जिसे गुरु द्वारा ही दृश्य किया जाता है। उसी प्रकार जीवन एक अधूरी यात्रा है जिसे गुरु द्वारा ही पूर्ण किया जाता है। इस यात्रा में हर इंसान का सबसे पहला गुरु उनके माता पिता ही होते हैं जो बाल्यकाल से उन्हें जीवन मे आगे बढ़ने की शिक्षा देते हैं। उसके बाद गुरु का स्थान श्रेष्ठ माना जाता है। व्यवहारिक जीवन मे गुरु ही हमे अंधेरे से निकालकर उजाला की तरफ ले जाते हैं। गुरु की महिमा का बखान नही किया जा सकता। इस अदृश्य यात्रा में जिनसे हमे जो कुछ भी बेहतर सीखने को मिले समझो वही हमारा गुरु है । गुरुजनों का उपकार कभी भुलाया नही जा सकता। हम कितने भी पढ़लिखकर बड़े पदों में चले जाएं पर गुरु के पद से बड़ा कोई पद नही होता। उन्होंने आयोजन में उपस्थित शिशु मंदिर के सभी छात्र छात्राओं को गुरुजनो का सम्मान करने का संकल्प भी दिलाया। इस आयोजन में सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षक शिक्षिकाए एवं स्कूली बच्चो सहित उनके परिजन भी उपस्थित थे।
जीवन को अंधकार से निकालकर उजाले में ले जाने वाले ही गुरु होते हैं: रविप्रकाश
