DAILY BALOD NEWS

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समाज सेविका रजनी करती है रानी माई मंदिर में हर नवरात्रि में भंडारे का आयोजन, आजीवन उठाएगी खर्च

बालोद। जिले के धार्मिक मंदिरो मे नवरात्रि महोत्सव मनाया जा रहा है। महाष्टमी पर अधिकांश मंदिरों में भंडारा आदि का आयोजन भी किया जाता है। बालोद जिले के प्रसिद्ध 12 गाँव पठार रानी माई मंदिर मे भी विशाल भंडारा का आयोजन किया गया है। जिसे बालोद की रहने वाली समाजसेविका एवं एनजीओ की महिला सेल प्रभारी रजनी वैष्णव द्वारा किया जाता है। यहां दोनों नवरात्रि पर स्वयं 9 साल से यह भंडारा करवा रही है। रजनी वैष्णव ने बताया कि इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे लोगों की आस्था को देखकर भक्तों और मां की सेवा के लिए ही यहां भंडारा शुरू करने का निर्णय लिया है। महा भंडारा के दिन रजनी वैष्णव स्वयं भक्तों को प्रसाद स्वरूप भोजन परोसती है। उन्होंने आजीवन भंडारे करवाने का जिम्मा उठाया है।

मंदिर में समाजसेविका के हाथों होता है ध्वजारोहण

मंदिर समिति से जानकारी के मुताबिक यहां महा भंडारा के अलावा समय-समय पर रजनी वैष्णव मंदिर के विकास के लिए भी अन्य दान एवं मदद के लिए आगे बढ़ जाती है, महा अष्टमी में भी वह प्रमुखता से शामिल होती है। मंदिर समिति के लोगों का कहना है कि यहां प्रतिवर्ष 15 अगस्त एवं 26 जनवरी पर समाज सेविका रजनी वैष्णव के हाथों से ही मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कराया जाता है। हर साल नवरात्र में होने वाले भंडारे में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पिछले साल 3000 से ज्यादा लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

दोनों नवरात्रि में पहुंचते हैं हजारो श्रद्धालु

रानी माई मंदिर की मान्यताएं भी अद्भुत है। माता रानी माई 12 गाँव की अराध्य देवी है, भक्तों का कहना है कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। माता के दर्शन के लिए यहां दोनों नवरात्रि में हजारो की संख्या में भक्त पहुँचते है। भक्तो की मनोकामना पूरा हो जाने पर यहाँ ज्योति कलश भी जलाया जाता है। रानी माई माता के दरबार में बाबा राधा कृष्ण, हनुमान, शिवलिंग, शंकर पार्वती और गणेश के दर्शन भी कर सकते हैं। इसके अलावा माता के आसपास का प्राकृतिक वातावरण आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके अलावा जिले के धार्मिक एवं प्रसिद्ध मां गंगा मैया मंदिर झलमला, मां सियादेवी मंदिर ग्राम नारागांव, मां कंकालिन मैया मंदिर ग्राम कनेरी, दुर्गेश धाम मंदिर ग्राम भूलनडबरी सहित अन्य मंदिरों में भी नवरात्रि के चलते लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।

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