नाबालिग के साथ बलात्कार करने पर दस वर्ष का कारावास

बालोद । किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा ऋषि पटेल उर्फ रिंकु उम्र 23 वर्ष, निवासी संबलपुर गौरा चौक, थाना-डौण्डीलोहारा, जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, लैंगिक अपराध की धारा 4 के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व 3000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 28.05.2021 को पीड़िता के पिता थाना डौण्डीलोहारा में उपस्थित होकर मौखित रिपोर्ट किया कि उसकी नाबालिग पुत्री दिनांक 19.11.2021 की रात्रि लगभग 9:00 बजे खाना खाकर अपने दादा-दादी के साथ सोयी थी, जो दिनांक 20. 11.2021 के सुबह 06:00 बजे उसकी पुत्री बिस्तर पर नही थी, कोई अज्ञात व्यक्ति नाबालिग होना जानते हुए उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगाकर अपने साथ कहीं ले गया है। प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना डौण्डीलोहारा द्वारा गुम इंसान क्र० 37/2021 कायम कर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाये से अपराध क्रमांक 231/2021 धारा 363 भा.दं.सं. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 21.11.2021 आरोपी ऋषि पटेल उर्फ रिंकु के कब्जे से पीड़िता को बरामद कर पीड़िता की कथन लिया गया, तब पीड़िता ने बतायी कि गांव का ऋषि पटेल उर्फ रिंकु स्कूल जाते समय संबलपुर बस स्टॉप के पास आकर इजहार किया कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुमसे शादी करना चाहता हूँ। तब से दोनों के बीच बातचीत होने लगा। ऋषि पटेल गुजरात सूरत में रहकर काम करता है बीच-बीच में वह अपने गांव आता जाता था, तब दोनों में मुलाकात होती थी। दिनांक 02.11.2021 को ऋषि पटेल सूरत से दीपावली त्यौहार मनाने अपने घर संबलपुर आया था जो दिनांक 07.11.2021 को शाम करीब 05:00 बजे पीड़िता को मिलने के लिये बुलाया और अपने मोटरसायकल से अपने दोस्त के खेत में बोर वाला मकान के पास ले जाकर शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ जबरदस्ती पहली बार शारीरिक संबंध बनाया। उसके बाद दिनांक 19.11.2021 को रात 10:00 बजे ऋषि पटेल पीड़िता को घर के बाहर मिलने के लिये बुलाया और अपने घर ले जाकर जबरदस्ती रात भर कमरे में रखा, सुबह 06:00 बजे अपने मोटरसायकल से बालोद-दुर्ग घुमाने के बाद अपने किसी पहचान के घर ग्राम चिचबोड़ ले गया। इस प्रकार दिनांक 19.11.2021 से 21.11.2021 तक आरोपी पीड़िता के साथ यह जानते हुए कि पीड़िता को नाबालिग व अनुसूचित जनजाति की होना जानते हुए उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में दिनांक 04.01.2022 को प्रस्तुत किया गया। पीड़िता प्रकरण की विवेचना उ. पुलिस अधीक्षक एस.एस. मौर्य के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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