भीमकन्हार में हुआ मुख्यमंत्री के पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय की स्मृति में सम्मान समारोह, समाज सेवा सहित उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 लोग हुए सम्मानित, सरपंच पोषण साहू की पहल से हुआ सफल आयोजन



बालोद/ डौंडीलोहारा । डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम पंचायत भीमकन्हार में इस बार का गणतंत्र दिवस खास ढंग से मनाया गया।

शिक्षा, समाज सेवा, राजनीति, स्वास्थ्य सहित अन्य कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 लोगों का सम्मान गांव के सरपंच पोषण साहू द्वारा किया गया।

इस बार उत्कृष्ट कार्य करने वालों को वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय स्मृति में सम्मानित किया गया।

सरपंच पोषण साहू का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज सेवा को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री के पिता के नाम से सम्मान दिए जाने के उद्देश्य के पीछे का कारण उन्होंने बताया कि व्यक्ति जिस मुकाम पर होते हैं उनके पीछे उनके माता-पिता का अहम योगदान होता है। आज मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से हैं। जिस पर पूरे छत्तीसगढ़ को गौरव हो रहा है।

मुख्यमंत्री के इस सफलता में उनके माता-पिता का योगदान अहम है। हर इंसान को अपने माता-पिता के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पिता स्वर्गीय श्री राम प्रसाद साय की स्मृति में सम्मान समारोह का आयोजन 26 जनवरी पर हाई स्कूल मैदान भीमकन्हार में सुबह 10 बजे से रखा गया था।

जिसमें शिक्षा, पंचायत, खेल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य, सामाजिक क्षेत्र और मितानिनों का सम्मान किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयोग छत्तीसगढ़ शासन के सेवा निवृत्त सचिव आईआर देवहारी थे। अध्यक्षता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीम कन्हार के प्राचार्य शिवकुमार देवांगन ने की। विशिष्ट अतिथि सरपंच पोषण लाल साहू, सेवा निवृत व्याख्याता एमएल साहू, जनपद सदस्य खगेश ठाकुर, डामन लाल देवहारी, गुलाब साहू, पीलू राम ठाकुर, लीलाधर चंद्राकर, कुशल चंद्राकर थे। अतिथियों ने सरपंच के पहल की सराहना करते सभी लोगों को उत्कृष्ट कार्य करने और समाज सेवा के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान सभी स्कूल के बच्चों ने संयुक्त रूप से सांस्कृतिक और देशभक्ति पूर्ण कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी।कार्यक्रम के उद्घोषक गजपति साहू ने सुबह से दिनभर आयोजन में अपने रोचक उद्बोधन और संचालन विधा से समा बांधे रखा।

नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री की जीवनी से परिचय कराना भी था एक उद्देश्य

स्कूल में हुए इस आयोजन से समस्त ग्रामीण और स्कूली बच्चों को राज्य के नए मुख्यमंत्री के जीवन से परिचय करवाना भी एक उद्देश्य रहा ।ताकि लोग राजनीति में आकर उनकी तरह समाज सेवा के क्षेत्र में भी जुड़ सके। ग्रामीणों को बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी सन् 1964 को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम बगिया में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय श्री राम प्रसाद साय और माता श्रीमती जसमनी देवी साय हैं। श्री विष्णुदेव साय का विवाह 27 मई 1991 को श्रीमती कौशल्या देवी साय से हुआ। उनके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कुनकुरी से अपनी हायर सेकेण्डरी की शिक्षा संपन्न की। श्री विष्णुदेव साय का मूल व्यवसाय कृषि है। किसान परिवार के श्री साय ने लंबा राजनीतिक सफर तय कर ऊंचा मुकाम हासिल किया। उन्होंने तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश में सन् 1989 में बगिया ग्राम पंचायत के पंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन शुरुआत की। श्री साय सन् 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच चुने गए। श्री साय सन् 1990 में पहली बार तपकरा विधानसभा से विधायक बने । श्री विष्णुदेव साय 1990 से 98 तक तत्कालिन मध्यप्रदेश के विधानसभा तपकरा से दो बार विधायक रहे । श्री विष्णुदेव साय सन् 1999 से लगातार रायगढ़ से 4 बार सांसद चुने गए। उन्होंने लोकसभा क्षेत्र रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से सन् 1999 में 13वीं लोकसभा, 2004 में 14वीं लोकसभा, सन् 2009 में 15वीं लोकसभा और 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए। श्री विष्णुदेव साय ने 27 मई 2014 से 2019 तक केन्द्रीय राज्य मंत्री के रूप में इस्पात, खान, श्रम व रोजगार मंत्रालय का प्रभार संभाला। श्री विष्णुदेव साय मूलतः किसान परिवार से है, लेकिन उनके परिवार के राजनीतिक अनुभव का लाभ उन्हें मिला। उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि प्रसाद साय, स्वर्गीय श्री केदारनाथ साय लंबे समय से राजनीति में रहे। स्वर्गीय श्री नरहरि प्रसाद लैलूंगा और बगीचा से विधायक और बाद में सांसद चुने गए। केंद्र में संचार राज्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया। स्वर्गीय श्री केदारनाथ साय तपकरा से विधायक रहे। श्री विष्णुदेव साय के दादा स्वर्गीय श्री बुधनाथ साय भी सन् 1947-1952 तक विधायक रहे।

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