बालोद। पोंडी निवासी पण्डित दानेश्वर मिश्रा के अनुसार श्रद्धा व समर्पित भाव से किया हुआ कोई भी कार्य कभी भी निष्फल नहीं होता।

आप गणेश उत्सव की तैयारियों में लगे हुए है तो आप के लिए गणेश उत्सव में प्रयोग होने वाली पूजन सामग्री में का ज्ञान होना उतना ही जरुरी है जितना की किसी राहगीर को मार्ग का ज्ञान होना जरुरी होता है | गणेश पूजन सामग्री पूर्ण शुद्ध हो,व मूर्ति खंडित हुई न हो, यह भी ध्यान रखने योग्य होता है | क्यों की कोई भी कार्य किसी निश्चित फल की प्राप्ति हेतु किया जाता है | भगवान श्री गणेश जी का आह्वान अगर सच्चे मन और निस्वार्थ भाव व सम्पूर्ण विधि- विधान के साथ किया जाये यह हमेशा फलदायी होता है | पूर्ण वैदिक मंत्रो का उच्चारण करते हुए व समर्पित भाव से अगर हम गणेश जी को बुलाये तो वे हमारे घर जरूर आते है | अगर आप गणेश उत्सव का आयोजन अपने घर में कर रहे हो तो आपको पंडित की आवश्यता होगी | वह पंडित जो सभी वैदिक रीती – रिवाज को भली- भांति जानने वाला हो साथ ही विशेषकर वह जो संस्कृत और हिन्दू विधि, धर्म, संगीत या दर्शनशास्त्र में सक्षम हो | विशेष :- जिन सज्जनों को हवन नहीं करवाना है ,उन्हें नवग्रह समिधा हवन सामग्री व आम का लकड़ी लेने की आवश्यकता नहीं होती है | इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखें की गणेश जी की प्रतिमा जो आप खरीद रहे हो वो सूंदर हो, खंडित न हो ,मूषक साथ हो तथा पानी में विसर्जन के बाद पानी में आसनी घुलनशील हो |
