विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल द्वारा एक बार फिर से उठी संस्कृत विद्यालय गुरुकुल की मांग, एसडीएम को दिया गया ज्ञापन



बालोद। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के द्वारा एक बार फिर से संस्कृत विद्यालय गुरुकुल, बालोद जिले में खोले जाने की मांग की गई। इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के नाम से एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।

जिला बजरंग दल के संयोजक उमेश कुमार सेन ने कहा कि बालोद जिले की बढ़ती हुई आबादी के बीच एक बड़ी तादाद में ऐसे लोग भी हैं जो अपने बच्चों को समस्त भाषाओं की जननी देववाणी संस्कृत विषय का अध्ययन करवाने में गहरी अभिरुचि रखते हैं। आज की बढ़ती भौतिकवादीता के युग में संस्कृति को बचाए रखने के लिए हमारे प्राचीन भाषाओं के प्रति रुझान जगाना जरूरी है। ऐसे में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा बालोद जिले में संस्कृत विद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर प्रयास कर रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि
बालोद जिले के सभी विकास खण्डों में शासकीय गुरुकुल संस्कृत विद्यालय संचालित किए जाए। सनातन धर्म के सभी ग्रंथ “संस्कृत” भाषा में लिखे गये हैं, जिसे पढ़ने में रुचि रखने वाले पाठकों (विद्यार्थी/शिक्षार्थी) संस्कृत विद्यालय की स्थापना होने से सहूलियत महसूस करेंगे। किंतु खेद है कि बालोद जिले में संस्कृत विद्यालय के अभाव में संस्कृत विषय में अभिरुचि रखने वाले विद्यार्थी/शिक्षार्थी दूर-दराज के जिलों में जाकर अध्ययन करने विवश होते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक क्षति तथा अन्य कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई विद्यार्थी/शिक्षार्थी अभिरुचि रखते हुए भी संस्कृत विषय के अध्ययन से वंचित रह जाते हैं। ऐसे विद्यार्थी/शिक्षार्थी अध्ययन पश्चात् समुदाय एवं समाज को सुसंस्कृत करते हुए राष्ट्र सेवा के अपने एक बड़े लक्ष्य से वंचित हो रहे हैं।
इस परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि विद्यार्थी/शिक्षार्थी अन्य भाषाओं और विषयों के अतिरिक्त “संस्कृत” का भी अध्ययन करें, ताकि उनमें सुसंस्कार पुष्ट होते रहें। इसीलिए शासन के द्वारा संचालित अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के आत्मानंद विद्यालयों में “संस्कृत” को भी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।

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