बालोद। छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के तत्वधान में रायपुर में धरना प्रदर्शन हुआ। जिसमें बालोद जिले की सरपंच साथी भी शामिल हुए। बालोद ब्लाक के सरपंच संघ अध्यक्ष अरुण साहू के नेतृत्व में कई सरपंचों ने इसमें शामिल होकर अपनी मांगों पर आवाज बुलंद किया। छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने बताया छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के इस विशाल धरना प्रदर्शन के आयोजन में सरपंच संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम पनसानिया के साथ वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बिहार के ठाकुर चंदन सिंह, मध्य प्रदेश अध्यक्ष निर्भय यादव, महासचिव राजवीर तोमर, महाराष्ट्र बहुजन विकास के प्रदेश अध्यक्ष सेवक नागवंशी, महाराष्ट्र सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद सांगोले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल उईके , महाराष्ट्र सरपंच संघ प्रभारी रामनाथ बोरहाडे शिरकत किए। सभी ने एक स्वर में कहा ग्राम पंचायत के सरपंच बनने के बाद गांव की जनता की सेवा जरूर कर रहे हैं लेकिन मानदेय के रूप में सरकार हर महीना 4000 रुपये दे रही हैं। यह सरपंच का अपमान है घर परिवार भी चलाना अब मुश्किल हो गया है। आखिर गांव का सरपंच कब तक कर्ज लेकर सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाते रहेगा। सरपंच अपनी खेती बाड़ी बेचकर कर्ज के तले डूब गया है जबकि सांसद और विधायकों का मानदेय बढ़ा दिया जाता है। सरकार की इस अनदेखी के खिलाफ सरपंच आक्रोशित है।”
यह है सरपंच संघ की 13 सूत्रीय मांग
सरपंचों का मानदेय राशि 20 हजार रुपए और पंचों का मानदेय राशि 5 हजार रुपए किया जाए।
सरपंचों को आजीवन 10 हजार रुपए पेंशन दिया जाए।50 लाख की राशि तक के सभी कार्य में कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत को ही बनाया जाए।
सरपंच निधि के रूप में राज्य सरकार के द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए दिया जाना चाहिए।
नक्सलियों द्वारा सरपंच को मारे जाने पर 20 लाख रुपए का मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाना चाहिए।
15वें वित्त आयोग अनुदान राशि केवल उसी ग्राम पंचायत के लिए होना चाहिए।15वें वित्त आयोग की राशि को अन्य योजनाओं के निर्माण कार्य में नहीं लगाया जाना चाहिए।
मनरेगा सामग्री की राशि हर 3 महीने के अंदर भुगतान किया जाना चाहिए।
मनरेगा निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए 40% अग्रिम राशि सरकार के द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के सरपंचों के कार्यकाल में 2 साल की वृद्धि की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना अंतर्गत आवाज की राशि को महंगाई दर को देखते हुए 2 लाख रुपए की वृद्धि की जानी चाहिए।
.अविश्वास प्रस्ताव को संशोधन कर जनता के हाथों में दिया जाना चाहिए।
धारा 40 में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए।

