दिव्यांगता का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरी कर रहे हैं लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, विकलांग मंच ने सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन



बालोद। शासनादेश के मुताबिक दिव्यांगों से संबंधित फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी कर रहे लोगों के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग की जा रही है। छत्तीसगढ़ विकलांग मंच बालोद जिला द्वारा भी बालोद जिले के समस्त विभागों में कार्यरत दिव्यांगों के प्रमाण पत्र की जांच की मांग की गई ताकि अगर किसी ने फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो। पूर्व में शासन द्वारा इस संबंध में समस्त विभाग प्रमुखों के नाम से आदेश भी जारी किया गया है। उसी आदेश के परिपालन करवाने विकलांग मंच के पदाधिकारियों ने विभिन्न विभागों में दिव्यांग व्यक्तियों के दिव्यांग जीवित प्रमाण पत्र की जांच कर पेंशन समाप्त करने एवं शासन की योजनाओं से संबंधित लाभ से वंचित कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। मंगलवार जनदर्शन कार्यक्रम में शामिल छत्तीसगढ़ विकलांग मंच के द्वारा बालोद जिले में फर्जी प्रमाण पत्र बना कर नौकरी कर रहे ऐसे लोगों की जांच करने के लिए मांग पत्र कलेक्टर को सौंपा । तब कलेक्टर ने आश्वस्त कि मंत्रालय से आदेश आ गया है और सभी विभागों में जांच करने आदेश किया गया। इस दौरान दिव्यांग जन जिलाअध्यक्ष हरिराम कोरार्म उपाध्यक्ष दल्लुराम सोनवानी सचिव राकेश कुमार मिडिया प्रभारी डिगम्बर सोनबोनरई प्रदेश प्रभारी शिव कुमार साहु, पवन कुमार आदि उपस्थित थे।

क्या है आदेश में

समाज कल्याण विभाग के संचालक रमेश शर्मा के द्वारा जारी आदेश के अनुसार दिव्यांगजनों को शासकीय कल्याणकारी योजनाओं तथा रोजगार (शासकीय सेवाओं में भर्ती) का लाभ देने के पूर्व जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र का सूक्ष्म परीक्षण करा लेंवे तथा यह सुनिश्चित करें कि विकलांग प्रमाण पत्र निःशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुरूप हो एवं उसका उपयोग वास्तविक दिव्यांगजन ही कर सकें।दिनांक 1 जनवरी 2019 के पश्चात नियुक्त हुए समस्त शासकीय सेवक जो दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत हैं, के शारीरिक परीक्षण उपरांत दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की नियमानुसार जिला / संभाग / राज्य मेडिकल बोर्ड से पुनः जांच कराई जाये । समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि जांच उपरांत आपके विभाग / कार्यालय में यदि कोई शासकीय सेवक गलत / फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर कार्यरत पाया जाता है, के विरूद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 91 एवं अन्य सुसंगत विधि के परिप्रेक्ष्य में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाकर 15 दिवस के भीतर संपूर्ण प्रतिवेदन इस संचालनालय को प्रेषित करें ।

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