प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और नक्सली हमले में जवानों की शहादत के बाद भी गृहमंत्री का क्षेत्र में शादी ब्याह के आमंत्रण निपटाने में व्यस्त रहना शर्मनाक
उतई । छतीसगढ़ में नक्सली हमला और ग्यारह जवानों की शहादत भूपेश सरकार की नाकामी और विफलता का परिणाम है जिसमें चार चांद लगाने में प्रदेश के असंवेदनशील गृहमंत्री भी पीछे नहीं है ।नक्सलियों द्वारा इतनी बड़ी घटना को अंजाम देना एक दिन की तैयारी नही हो सकती इसके लिए उन्होंने बड़ी तैयारी की होगी जिसकी जानकारी सरकार के गुप्तचर विभाग को भी ना होना नक्सलियों से सांठगांठ और संरक्षण की ओर इशारा करता हैं उक्त आरोप उतई मंडल भाजपा के महामंत्री सोनू राजपूत ने लगाते हुवे प्रदेश सरकार सहित गृहमंत्री को आड़े हाथों लिया है । उन्होंने कहा की सरकार की कमजोरी का फायदा उठाकर ये कायर नक्सलियों ने फिर अरनपुर (दंतेवाड़ा) छतीसगढ़ को लहूलुहान करते हमारे 11 डीआरजी के वीर सपूतों को निशाना बनाकर उन पर आईईडी से कायरतापूर्ण हमला किया है।जिसमें सुरक्षा बल के 11 वीर जवान शहीद हो गए … एक कायरतापूर्ण घटना होने के बाद भी प्रदेश के गृहमंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र में शादी विवाह सामाजिक कार्यक्रम में मस्त रहें यह उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है । प्रदेश में नक्सली हमले में 11 जवान शहीद हो गए उनके परिवारों पर इतनी बड़ी विपत्ति आ गई और मंत्री जी को शादी विवाह की पार्टियों में जाने की पड़ी है अगर प्रदेश में पूर्व से ही लूट हत्या बलात्कार नकबजनी जैसे अनेक जघन्य अपराध आए दिन हो रहे है जिस पर अंकुश लगाने में प्रदेश के गृह मंत्री नाकाम साबित हुवे है बावजूद इसके की नैतिकता के नाते जिम्मेदारी लेकर पद से इस्तीफा देते लहूलुहान होते प्रदेश को देख कर भी कुर्सी से चिपके बैठे है जबकि उन्हें चाहिए था की अपराध और ऐसी नक्सलियों की कायरतापूर्ण हरकतो पर अंकुश लगे ।
सोनू राजपूत ने कहा की प्रदेश सरकार की निर्लजता, निष्क्रियता और निरंकुशता के चलते असामाजिक तत्वों और नक्सलियों के हौसले बुलंद है इस कुशासन व्यवस्था के कारण प्रदेश भर में अपराध और नक्सली घटना चरम पर हैं और निर्दोष जवान शहीद हो रहे हैं। उतई मंडल भाजपा के पदाधिकारीयों ने इकठ्ठे होकर शहीद जवानों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुवे श्रद्धांजली दी तथा ईश्वर से उनके परिजनों को दुःख की इस कठिन घड़ी को सहने संबल प्रदान करने की कामना की।
