बालोद। जिले के किसानों के लिए अक्ती तिहार खास रहता है। इस दिन हर गांव में किसान अपने ठाकुर देव स्थल पहुंचे और धान चढ़ा कर पूजा किए फिर उसी धान को खेत में ले जाकर बुआई किए। इस दौरान बच्चों को किसानी का मर्म समझाने विविध रस्में भी निभाई गई। छोटे बच्चों को खेती के काम का अभिनय करते हुए देखा गया। ताकि बच्चे बचपन से खेती सिख सकें। उन्हें धान बुआई, निंदाई, कटाई, भारा ढुलाई, मिंजाई के बारे में बताया गया। बच्चों ने ठाकुर देव की परिक्रमा कर कृषि कार्य का अभिनय किया।
गुण्डरदेही ब्लॉक के भरदाकला गांव के किसान और कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री क्रांति भूषण साहू ने बताया हर साल इसी रिवाज के साथ गांव के बच्चे और बड़े अक्ती मनाते हैं। उन्होंने भी पूजा कर विधि विधान से खेत में जाकर बुआई की।
गांव बनाने की भी परंपरा
इसी तरह ग्राम डुंडेरा में समस्त ग्रामवासी के तत्वाधान में अक्षय तृतीया का आयोजन माटी पूजन, ठाकुर देव के पूजा कर हर्षोल्लास से हुआ।
जिसमें किसान भाई अपने घर से परसा पत्ता के दोना बना कर घर से अन्न धान लेकर आए
पूजापाठ पश्चात् किसान भाई आगे ग्राम संचालन के लिए योजना बनाया गया एवं ग्रामीणो द्वारा समान्य चर्चा किया।
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