भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के जयंती पर रासेयो के स्वयं सेवक यशवंत टंडन ने बच्चों को भेंट किए पुस्तक कापी और पेन



अर्जुन्दा। भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के जयंती पर शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुंदा के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक यशवंत कुमार टंडन ने अपने ग्राम डुड़िया के मोहल्ले के बच्चों को निशुल्क पुस्तक कापी और पेन भेंट किए गए। और पढ़ लिखकर शिक्षित बनकर उच्च पदों पर पदस्थ होकर समाज और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के प्रेरित किया गया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन ने कहा कि आज हमें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों को भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर के जयंती के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर ने कहा है कि शिक्षित बनो संगठित बनो संघर्ष करो के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात कर एक अच्छे और शिक्षित व्यक्ति बनकर समाज और देश के उत्थान और विकास में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित व जागरूक किया गया। बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर आज अपने शिक्षा के बलबूते पर उन्होंने ही हमारे देश के संविधान का निर्माण किया। और नियम और कानून बनाए।

शिक्षा से समाज और देश का विकास

डॉ भीमराव अम्बेडकर ने बताया शिक्षा के बिना मनुष्य एक पशु के समान है। अगर हम शिक्षित नहीं होंगे तो कोई भी हमसे हमारा अधिकार और हक छीन सकता है। शिक्षित होने के साथ-साथ हमें आज एकजुट होकर संगठित होने की भी आज आवश्यकता है। संगठित होकर कार्य करने से ही हमें सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर इन बच्चों को निशुल्क पुस्तक कापी और पेन का वितरण किया गया। कु नम्रता टंडन, गजेन्द्र टंडन, तमेश टंडन , अनन्या टंडन, डिगेन टंडन को प्रदान किया गया।

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