छ.ग. राज्य के संस्कृति, परंपरा, पुलिस की कार्यशैली से अवगत कराया गया
गुजरात राज्य के महिला एवं पुरूष को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालोद का भ्रमण कराकर पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया
‘‘मिशन पूर्ण शक्ति महिला कमाण्डो’’ पदमश्री शमशाद बेगम से की मुलाकात उनके कार्याें की सराहना की गई
थाना राजहरा में छ.ग. पुलिस कार्य करने के तरीके, रिकार्ड, मोहर्रिर के कर्तव्यों, मालखाना की जानकारी, एवं पुलिस की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत रूप से अवगत कराया, लौह अयस्क राजहरा माइंस का भ्रमण कराया गया
बालोद। ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत कल्चर एक्सचेंज बीटवीन स्टेंट पोलिस फोर्स’’ के तहत् दो अलग-अलग राज्य के पुलिस कर्मियों को एक दूसरे राज्य की परंपरा, संस्कृति, पुलिस की कार्यशैली, विभिन्न स्थानों का भ्रमण कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम चरणबद्व तरीके से उपलब्ध कराकर पुलिस की कार्यशैली को बेहतर ढंग से समझाने का प्रयास करना है।

इसी क्रम में गुजरात राज्य के 15 पुलिस कर्मी छ.ग. राज्य की पुलिसिंग एवं संस्कृति व परंपरा को सीखने समझने हेतु दुर्ग रेज स्तरीय कार्यक्रम के तहत जिला बालोद में पहुंचे है।रेंज स्तरीय शेड्यूल के अनुसार गुजरात राज्य के पुलिस कर्मी जिला बालोद के शक्ति पीठ गंगा मैय्या झलमला में दर्शन कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय सिवनी बालोद में पहुंचे।

जहां पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुश्री नवनीत कौर, रक्षित निरीक्षक मधुसुदन सिंह नाग द्वारा जिले की पुलिस की कार्यशैली के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। पुलिस कार्यालय के समस्त शाखाओं के प्रभारी से मिलकर उनके कार्याे की जानकारी साझा किया गया, इसके बाद रक्षित केन्द्र बालोद में पहुंचकर जिले के रक्षित कार्यालयों के कार्यप्रणाली को रक्षित निरीक्षक द्वारा अवगत कराया। रक्षित केन्द्र के कार्य, रक्षित केन्द्र के विभिन्न शाखाओं के कार्याें की जानकारी दिया गया। छ.ग. राज्य की संस्कृति के बारे में अवगत कराते हुए गुजरात राज्य के पुलिस को बताया गया कि छ.ग. राज्य गांवों का प्रदेश है। मुख्यतः धान की खेती की जाती है इसलिए इस राज्य को ‘‘धान का कटोरा’’ की संज्ञा भी दी जाती है। यहां के ग्रामीण क्षेत्र की बोली ‘‘छत्तीसगढ़ी’’ है। इस राज्य में तीज, पोला, हरेली, जैसे क्षेत्रीय त्यौहार बड़ी ही उत्साह से मनाएं जाते है।
गुजरात राज्य के पुलिस कर्मियों ने जिला बालोद के विशेष थाना अजाक जिला बालोद में आकर वहां के प्रभारी अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक बोनीफॉस एक्का ने आदिवासी जनजाति जीवन शैली से अवगत कराया गया। साथ ही बताया गया कि छ.ग. राज्य में थानों के आलावा सभी जिला इकाई में एक अनुसुचित जाति जनजाति वर्ग के लोगों पर घटित अपराधों के निराकरण करने के लिए विशेष थाना भी होता है। जहां एसटी/एसएसी वर्ग के लोग आकर अपनी समस्याओं का निराकरण पाते है। बालोद के बाद गुजरात राज्य के पुलिस कर्मी थाना राजहरा में पहुंचे। जहां राजहरा शहर के नगर पुलिस अधीक्षक कर्ण उके थाना प्रभारी राजहरा वीणा यादव ने गुजरात राज्य के पुलिस कर्मी को थाने के कामकाज, आगुन्तकों, पीड़ितों से शिष्टाचार से व्यवहार करने के बारे में बताया। साथ ही थाने के रिकार्ड, मोहर्रिर के कर्तव्यों, मालखाना की जानकारी, एवं पुलिस की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत रूप से अवगत कराया। इसके बाद गुजरात राज्य के पुलिस कमियों को भ्रमण कार्यक्रम के तहत् राजहरा में संचालित लौह अयस्क माइंस का भ्रमण कराया गया। जहां भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राजहरा माइंस के अधिकारी द्वारा जानकारी दिया कि लौह अयस्क कारखाना दल्लीराजहरा से कच्चा लोहा निकालकर ट्रेन एवं ट्रकों के माध्यम से भिलाई ईस्पात संयत्र पहुंचाया जाता है। जहां से कच्चा लोहा को पिघलाकर रेल ईस्पात बनाकर देश विदेश में भेजा जाता है। जिला बालोद के पुलिस कार्यप्रणाली से अवगत कराने बाल मित्र थाना गुण्डरदेही क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। जहां पदमश्री शमशाद बेगम (महिला कमांडो संरक्षक) से मुलाकात किया गया। पद्मश्री शमशाद बेगम व मितानीनों ने महिला कंमाडो के कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। महिला कमांडो मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र के महिलाएं स्वंयसेवी शामिल है जो ‘‘मिशन पूर्ण शक्ति महिला कमाण्डो’’ के रूप में गांव स्तर में कार्य करती है। गांव में छोटे-छोटे अपराधों जैसे खुले जगहों में शराब सेवन, लड़ाई झगड़ा, महिला संबंधी अपराधों एवं घरेलु हिंसा, जैसे अपराधों के नियंत्रण के लिए ग्राम पेट्रोलिंग का कार्य एवं जिला एवं पुलिस प्रशासन से जो भी दिशा-निर्देश मिलेगा उसे कानून के दायरे में रहते हुए कार्य करती है ।पुलिस एवं प्रशासन का हरसंभव सहयोग करने के लिए तत्पर रहती है। गुजरात राज्य के पुलिस कर्मीयों को मिलेट कैफे जो मुख्यमंत्री भुपेश बघेल छ.ग. शासन के मंशा अनुरूप बालोद में संचालित है वहां ब्रेकफास्ट कराया गया। जिसकी उन्होने तारीफ की। जिले के अधिकारी/कर्मचारीयों के उत्कृष्ट कार्य करने पर उनके उत्साहवर्धन के लिए संचालित “कॉप ऑफ द मंथ” जैसे अच्छी पहल की भी सराहना की गई। छ.ग. राज्य के पुलिसकर्मीयों के हर संभव सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यहां की लोक कला संस्कृति से परिचित होकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे है। छ.ग. राज्य के पुलिस कार्यप्रणाली सहज, सरल एवं मानवीयता पूर्ण है। बालोद पुलिस (छ.ग.) का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।