प्रस्तावित सड़क मार्ग की भूमि पर निर्माण करने हेतु किया गया चिन्हांकन, पसौद सरपंच ने लगाया आरोप कुछ छूटभैय्ये नेता कर रहे माहौल खराब



बालोद/ डौंडीलोहारा। लोहारा ब्लॉक के ग्राम पंचायत पसौद में राजस्व विभाग की टीम ने प्रस्तावित सड़क मार्ग की भूमि पर सड़क बनाने हेतु चिन्हांकन किया। पर इस दौरान फरदफोड़ से कुछ लोगों ने आकर काम में रूकावट डालने और माहौल खराब करने का प्रयास किया। ऐसा आरोप पसौद के सरपंच और डौंडीलोहारा ब्लाक सरपंच संघ के अध्यक्ष पोषण देवांगन ने लगाएं हैं। उन्होंने मामले को विस्तार से बतलाया कि पसौद से फरदफोड़ होते हुए दुर्ग जाने के लिए सड़क निर्मित है। ग्राम पसौद के पास 100 मीटर लंबाई में सड़क शासन द्वारा अर्जित भूमि में न बना कर मेरे (पोषण लाल) की लगानी भूमि में निर्मित किए जाने के कारण 15 वर्ष से सड़क का कार्य डामरीकरण होने से रुका हुआ है एवं सन् 2005 -06 में तहसील न्यायालय द्वारा आदेश किए जाने के पश्चात भी सड़क भूमि एवं लगानी भूमि की रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं किया गया। जबकि शासन ने सड़क निर्माण करने के लिए भूमि अर्जित किए गए थे एवं उनके बदले में कृषक कवल सिंह केवट को शासकीय भूमि को लगानी बनाकर उसे मुआवजा स्वरूप भूमि दिया गया है और वह सड़क भूमि एवं शासन से प्राप्त भूमि दोनों पर उसका काबीज चले चले आ रहा था। तहसील न्यायालय आदेश के पश्चात मुझे न्याय प्राप्त नहीं हुआ। उल्टा मैं लोगों के दुर्भावना के शिकार होता रहा कि मेरे द्वारा सड़क बनाने से रुकावट किया जा रहा है। प्रकरण में मेरे विरोधी व्यक्ति इसमें राजनीति कर रहे थे और ग्राम वासीयों को भ्रमित कर मेरे खिलाफ भड़का रहे थे। लेकिन मैं शासन से लगातार मांग कर रहा था कि मेरी जमीन से सड़क को हटा दिया जाए एवं सड़क की भूमि पर सड़क निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आवागमन के लिए अच्छा एक सड़क प्राप्त हो लेकिन छुटभैया नेताओं के विभिन्न प्रकार के षड्यंत्र करने के कारण लोगों को सड़क प्राप्त नहीं हो सका, ना मुझे मेरा अधिकार।

विरोधियों द्वारा विभिन्न प्रकार की षड्यंत्र किए है

सरपंच पोषण ने बताया न्यायालय के आदेश के पश्चात सड़क भूमि का विक्रय कर सन् 2011 में बैनामा रजिस्ट्री करा कर बिक्री करा दिए। जबकि इसके संबंध में मेरे द्वारा तहसीलदार से लेकर कलेक्टर, सभी को अवगत कराया गया था कि यह भूमि सड़क की भूमि है। इसे बैनामा रजिस्ट्री करने से रोका जाए। जबकि यह बैनामा रजिस्ट्री में पुलिस थाना देवरी द्वारा विक्रेता एवं अन्य दो के विरुद्ध 420 का मामला पंजीबद्ध होने के कारण तीनों को जेल में सजा हुआ था। लेकिन क्रेता के नाम से पुलिस द्वारा मामला नहीं बनाए थे। सड़क को मेरे लगानी भूमि में ही निर्मित रहे सोच कर सन् 2009 में प्रस्तावित सड़क मार्ग पर विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत पोल गड़ा दिए जबकि मेरे द्वारा पंचायत से लेकर तहसीलदार एसडीएम कलेक्टर विद्युत विभाग सभी को अवगत कराया गया था कि विद्युत पोल को प्रस्तावित सड़क मार्ग पर ना लगा कर सुरक्षित जगह में लगाया जाए लेकिन तत्कालीन सरपंच राम्हिन बाई और सरपंच पति मुन्ना लाल देश लहरे तत्कालीन पंच द्वारा विद्युत पोल प्रस्तावित सड़क मार्ग में जानबूझकर लगवा दिया गया और उनके द्वारा मुझे डराने के लिए मेरे खिलाफ झूठा कार्रवाई कराने के लिए विशेष थाना झूठा शिकायत किया गया था। जबकि पुलिस जांच में शिकायत झूठा पाया गया था।

रूमन लाल इंदोरिया, ग्राम पटेल ने भी गांव के लोगों को भ्रमित करते हुए यह सड़क मेरे लगानी भूमि पर ही निर्मित रहे सोच कर उन्होंने प्रस्तावित सड़क भूमि पर जान बूझकर अवैध रूप से ग्रामीण जन का पैसा का दुरुपयोग करते हुए वहां पर ईटा और सीट से एक सेड निर्माण कर दिया गया जबकि निर्माण करने के पूर्व उन्हें मेरे द्वारा अधिवक्ता के माध्यम से लिखित सूचना दिया गया था कि आदेश अनुसार वह भूमि पर सड़क बनाया जाना है इसलिए वहां पर किसी भी प्रकार से सेड निर्माण किया जाना उचित नहीं है। लेकिन रुमन लाल इंदोरिया ना मानते हुए शासकीय जगह में सेड निर्माण करने से रुकावट कर रहे हो कह कर मुझे दबाव स्वारूप ₹1000 दंडित कर वहां पर सेड निर्माण कर दिया गया।
तहसील न्यायालय के निर्णय के पश्चात 15 साल तक मैं लगातार कानूनी संघर्ष करता रहा और लोगों के द्वारा बदनाम सहता रहा लेकिन ना मुझे मेरा अधिकार मिला ना लोगों को आवागमन के लायक सड़क मिला तथा छुटभैया नेता व विरोधी के द्वारा सड़क रुकवाने का दुर्भावना लोगों के मन में भरने के कारण मैं दुर्भावना का शिकार भी हुआ तथा लोग मुझे बदनाम करते रहे । इस कारण पीड़ित होकर मैं माननीय व्यवहार न्यायालय जिला बालोद में आवेदन देकर न्याय के लिए अर्जी लगा कर मांग किया की मेरे लगानी भूमि से सड़क हटाकर सड़क भूमि में सड़क निर्माण किया जावे तथा तहसील न्यायालय के आदेश के बाद मुझे अधिकार प्राप्त नहीं होने के कारण जो नुकसान हुआ है उसकी क्षतिपूर्ति दिलाया जाए। लेकिन माननीय व्यवहार न्यायालय द्वारा मेरे भूमि का अधिकार हेतु आदेश पारित कर दिया गया परंतु हुए नुकसानी का क्षतिपूर्ति आदेश पारित नहीं होने के कारण माननीय न्यायालय हाई कोर्ट बिलासपुर में अपील करना पड़ा है।
माननीय व्यवहार न्यायालय जिला बालोद आदेश के परिपालन करते हुए माननीय तहसील न्यायालय मार्री बंगला देवरी द्वारा लगानी भूमि एवं सड़क भूमि के रिकॉर्ड को दुरुस्ती करने बाबत आदेश प्रदान कर आर आई पटवारी को अभिलेख दुरुस्ती करने हेतु आदेश पारित कर दिया एवं सड़क भूमि एवं लगानी भूमि का अभिलेख दुरुस्त किया गया। तत्पश्चात सड़क की कार्यवाही को रुकवाने के लिए राजनीतिक षड्यंत्र करते हुए वर्तमान छुटभैया नेता के द्वारा अवैधानिक तरीके से आर आर दुबे तहसीलदार को हाईकोर्ट आदेश का झूठा आधार बना कर पुनः, स्मरण पत्र आदेश करवा कर स्थगन आदेश करवा दिए। जिसके संबंध में मेरे द्वारा शिकायत कलेक्टर को आवेदन किए जाने के बाद अनु विभागीय अधिकारी डौंडीलोहारा द्वारा आदेश पारित कर तहसीलदार द्वारा किए गए अवैधानिक आदेश को निरस्त किया गया।
पश्चात मेरे द्वारा कलेक्टर को आवेदन दिया गया कि सड़क में डामरीकरण करने हेतु शासन द्वारा पैसा स्वीकृति किया गया है एवं सड़क को बनाया जाना है। साथ ही यह रुका हुआ विवादित सड़क भाग को न्यायालय के आदेश अनुसार प्रस्तावित सड़क मार्ग पर अति शीघ्र निर्माण किए जाए ताकि लोगों की आवागमन की असुविधा दूर हो सके। जिसके अनुरूप अनुविभागीय अधिकारी डौंडीलोहारा के आदेश अनुसार 3 अप्रैल को पटवारी , आर आई, तहसीलदार श्रीवास्तव साहब के मार्गदर्शन एवं पुलिस प्रशासन के सुरक्षा में एवं आसपास के कृषकों के उपस्थिति में प्रस्तावित सड़क मार्ग एवं लगानी भूमि की चिन्हाकित किया गया ।
जहां अचानक
किरण लोन्हरे सरपंच ग्राम पंचायत फरदफोड़ लगभग 200 ग्राम वासियों को लेकर वहां विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। अगर सही था तो भ्रमित करने वाले छुटभैया नेता को सामने खड़ा होकर नेतागीरी करना था। 15 साल हो गया सड़क बनने से रुका हुआ है परंतु इसके सहयोग के लिए कोई नेता सामने नहीं आया।

षड्यंत्र की आने लगी है बू

पोषण ने कहा अब व्यवहार न्यायालय के आदेश अनुसार सड़क निर्माण की कार्यवाही किया जाना है और अचानक लोगों की भीड़ माहौल को देखते हुए अधिकारियों को आसपास के सभी थाना से पुलिस बल बुलाना पड़ गया। यह भी एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा महसूस हो रहा है।
क्योंकि जब से मैं सरपंच कार्यकाल, प्रारंभ किया हूं तब से मेरे प्रत्येक विकास कार्य में मेरे विरोधी सत्ता के संरक्षण में राजनीतिक षड्यंत्र कर रुकावट डालने का अवैधानिक प्रयास कर रहे हैं। इस कारण से मेरे ग्राम वासी शासन के योजना से पूर्ण लाभ नहीं ले पा रहे हैं एवं गांव विकास में बाधा उत्पन्न हो रहा है। जबकि हमारे पसौद गांव में मूलभूत सुविधा के हिसाब से बहुत ही पीछे हैं।
मुझे सभी सरपंच साथियों सभी पंचगण एवं गांव के भोले भाले सभी ग्रामीण जन, माता बहनों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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