बालोद। देवमुनिप्रवरार्चितलिंगम् कामदहं करुणाकरलिंगम्।
रावणदर्पविनाशनलिंगम् तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम्॥ इसका अर्थ है : मैं भगवान् सदाशिव के उस लिंग को प्रणाम करता हूं, जो लिंग देवताओं व श्रेष्ठ मुनियों द्वारा पूजित है,
जिसने क्रोधानल से कामदेव को भस्म कर दिया, जो दया का सागर है और जिसने लंकापति रावण के भी दर्प का नाश किया है। उक्त तस्वीर डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम मुड़खुसरा की है। जहां गुरुवार को नाली खुदाई के दौरान एक शिवलिंग मिला। जिसे ग्रामीण चमत्कार मान पूजा में जुटे हैं। अब उक्त स्थान पर मंदिर बनाने की तैयारी है।

