गुरुर। ब्लॉक मुख्यालय में चल रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के हड़ताल के दौरान नगाड़ा बजाकर अनूठे ढंग से कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगे पूरी करने की बात रखी।
बीते लगभग एक माह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की हड़ताल अनिश्चितकालीन चल रही है। धरना पर बैठी इन महिलाओं ने फाग गीत गाते हुए नगाड़ा बजा कर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे हड़ताल से शासन की महिला बाल विकास विभाग से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही है। लेकिन इसके बावजूद शासन प्रशासन के कान के नीचे जू नहीं रेंग रही है और हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। आंदोलन में चले जाने से बच्चों को मिलने वाला गरम भोजन सहित अन्य कार्य बुरी तरह प्रभावित है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं जाता तब तक वे हड़ताल पर डटी रहेंगी। होली नजदीक है जिसे देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नगाड़ा बजाकर विरोध जताया।
प्रमुख मांगों में ये है शामिल
1) आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे।
शासकीय कर्मचारी घोषित किये जाने तक सरकार द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में घोषित नर्सरी शिक्षक पर उन्नयन और कलेक्टर दर पर वेतन तत्काल दिया जाय।
(2) आंगनबाड़ी सहायिकाओं को कार्यकर्ता के रिक्त पद पर शत प्रतिशत एवं कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर शतप्रतिशत पदोन्नति दिया जाय एवं विभागीय सेवा भर्ती नियम में संशोधन किया जाय।
(3) आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को प्राइमरी स्कूलों में प्रायमरी शिक्षक का दर्जा एवं वेतन दिया जाय।
(4) मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता के बराबर समान काम का समान वेतन दिया जावे एवं क्रेश कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर समाहित किया जाय।
(5) आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को 5लाख रुपये एवं सहायिकाओं को 3 लाख रुपये रिटायरमेंट के बाद एक मुश्त राशि दिया जाय और मासिक पेंशन, ग्रेच्यूटी, व समूह बीमा योजना लागू किया जाय।
(6) प्रदेश स्तर में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाय। और पोषण ट्रेक और अन्य कार्य के लिये जब तक मोबाईल, नेट चार्ज नहीं दिया जाता, तब तक मोबाईल पे कार्य का दबाव न दिया जाए।

