DAILY BALOD NEWS

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कल 20 फरवरी को जिला मुख्यालय धरना प्रदर्शन में जुटेंगे हजारों शिक्षक

हजारो स्कूलों में तालाबंदी, सभी स्कूल में अध्यापन रहेगाः बंद,

पुरानी पेंशन के गलत क्रियान्वयन से शिक्षको में है आक्रोश

बालोद- छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व सेवा गणना शिक्षक मोर्चा के जिला संचालक दिलीप साहू ने बताया कि कल 20 फरवरी को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन के साथ बालोद के नया बस स्टैंड धरना स्थल पर भी जिले के हजारों शिक्षक धरना प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव आदि के नाम सौंपेंगे! पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की घोषणा की थी, जिसके तहत अप्रैल 2012 से सभी शिक्षको की एनपीएस कटौती बंद कर पुरानी पेंशन हेतु कटौती प्रारम्भ की गई है, अब 10 महीने बाद शासन, उसमे शासकीय सेवा का पेंच लगाकर हजारो शिक्षको को पुरानी पेंशन से वंचित कर रहा है।

इससे लाखो शिक्षको को अल्प पेंशन की पात्रता मिलेगी, जिससे नाराज होकर 4 बड़े शिक्षक संघ संजय शर्मा – छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, वीरेंद्र दुबे – शालेय शिक्षक संघ, केदार जैन – संयुक्त शिक्षक संघ, विकास राजपुत – नवीन शिक्षक संघ ने पूर्व सेवा गणना शिक्षक मोर्चा गठित कर 20 फरवरी को रायपुर में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की अनुमति नही मिलने के कारण 20 फरवरी को ही सभी जिला मुख्यालय में धरना, प्रदर्शन, रैली हेतु शिक्षको को आमंत्रित किया है, जिसके कारण अधिसंख्य शिक्षको ने हड़ताल में रहने हेतु सूचना दे दिया है।

व्यापक पैमाने पर शिक्षको के हड़ताल में जाने के कारण हजारो स्कूल में तालाबंदी रहेगी, क्योकि पुरानी पेंशन से सभी एल बी संवर्ग के शिक्षक प्रभावित हो रहे है, साथ ही शालाओं में अध्यापन ठप्प रहेगा, दरअसल प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा के गणना कर पुरानी पेंशन, 20 वर्ष की सेवा में पूर्ण पेंशन, सहायक शिक्षको की वेतन विसंगति, क्रमोन्नति, पदोन्नति, व्याख्याता वर्ग को भी वन टाइम रिलेक्सेशन देने की मांग समाहित है।

शिक्षको में वित्त विभाग व पेंशन शाखा के द्वारा अपरिवर्तनीय विकल्प पत्र शीघ्रता से जमा करने के आदेश से भारी रोष व्याप्त है, कई अधिकारी विकल्प पत्र भरे बिना वेतन नही देने की बात कर रहे है, जो मनमर्जी का परिचायक है, विकल्प के बिना वेतन रोकने का कोई भी आदेश नही है, इसी कारण कई अधिकारियों से शिक्षको को भिड़ंत भी है और शिक्षको में आक्रोश है।

मुख्यमंत्री ने 2004 से जारी एनपीएस को भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त कर दिया है, ऐसे में शासकीय कर्मचारी हो चुके एलबी संवर्ग को लाभ मिलना चाहिए, किन्तु अधिकारियों के द्वारा नए आदेश निकालकर शासकीय हो चुके शिक्षको के पेंशन पर कुठाराघात किया जा रहा है, इसके खिलाफ सभी वर्ग – संवर्ग के शिक्षक एकजुट होकर सभी जिला मुख्यालय में 20 फरवरी को धरना, प्रदर्शन, रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौपेंगे।

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