एकजुटता की मिशाल पेश की, अधिकारियों ने ध्यान नही देने पर ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर की सहयोग
बालोद। एक तरफ जहां सरकार स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहा है और उसके लिए तरह तरह के प्रयास एवम योजनाएं निरंतर लागू कर रहे है,
वही जिला मुख्यालय से महज 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम चिचबोड़। जहां की राजा तालाब जिसका उपयोग लगभग 80% ग्रामवासी प्रतिदिन अपने दैनिक क्रियाकलाप के लिए करते है। जिसका पानी विगत 4-5 वर्षों से निस्तारी का साधन नही होने के कारण खराब हो गया था और इसकी जानकारी जिला स्तर पर,ब्लॉक स्तर पर लगातार कराया जा रहा था, यहां तक कभी विधायक महोदया को तो कभी सांसद महोदय को तालाब में ले जाकर वहां की समस्या और पानी को दिखाया गया और पानी निस्तारी के साधन के लिए लगातार मांग भी समस्त ग्रामवासी करते रहे गांव में जो भी अधिकारी या कोई बड़े कार्यकर्ता आते उन सभी को इस समस्या से लगातार अवगत कराते ही रहते थे
लेकिन इन अधिकारियो ने इस समस्या को दूर करने लिए कुछ प्रबंध करना तो दूर कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दिखाया और कुछ अधिकारियों ने तो वो आपकी समस्या है इसका कोई समाधान नहीं है यह बोलकर निकल गए आलम यह रहा की ग्रामीण लगातार उसी पानी का उपयोग करते रहे।
लेकिन दूषित पानी के उपयोग से संक्रमण फैले ऐसा दिन भी बहुत ही जल्दी आ जायेगा किसी को नहीं लगा था। गांव के बच्चो एवम् बुजुर्गों पर इसका प्रभाव दिखने लगा और यह समस्या दिनों दिन बढ़ने लगा था। यह समस्या पूरे गांव के लिए खतरनाक बनता ही जा रहा था अंत में इस समस्या के निदान के लिए पूरे ग्रामवासी आगे आए और ग्राम पंचायत के सहयोग से चंदा इकट्ठा कर 3 मोटर पंप की सहायता से पूरे तालाब का पानी खाली करने का व्यवस्था किया गया जो लगातार 20-22 दिनों से जारी है और अब जाकर लगभग 98% पानी पूरी खाली हो चुकी है। ग्राम के बुजुर्गों घना राम निषाद,बाबूलाल साहू, मन्ना साहू का कहना है कि विगत 15-20 वर्षों से इस तालाब के पानी का निस्तारण नही हुआ था जिसके कारण पानी बहुत ही ज्यादा दूषित हो गया था और पानी में छोटे छोटे कीड़े भी पड़ गया था। यह जानकारी ग्राम पंचायत चिचबोड़ के सरपंच पति श्री रामदीन तारम, दीपक कुमार साहू और गौकरण सिन्हा द्वारा दिया गया।



