घर से लगे जमीन को अवैध बताकर कर रहे हैं गांव के प्रमुख पैसा उगाही
बालोद/गुरुर। गुरुर ब्लाक के ग्राम दीयाबाती में आज के पंचायती राज में भी जंगलराज का एक मामला सामने आया है। जहां ग्राम प्रमुखों को किसी कानून कायदे की चिंता नहीं है। उन्हें किसी बात का डर नहीं है कि वह गलत कर रहे हैं। वे तो बस अपनी मनमानी कर रहे हैं। दरअसल में मामला अवैध कब्जा से जुड़ा हुआ है । कब्जे की आड़ में ग्रामीणों से पैसा उगाही का खेल चल रहा है। इसमें कई भोले-भाले ग्रामीणों को डरा धमका कर उनके घर से लगे हुए जमीनों पर थोड़े बहुत अतिक्रमण के बदले पैसा उगाही किया जा रहा है। आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्र में घर के आसपास की जमीन को अस्थाई उपयोग के लिए लोग इस्तेमाल करते रहते हैं। ऐसे जगहों पर अवैध कब्जा बताकर ग्राम प्रमुख उनसे मोटी रकम ऐठ रहे हैं। जबकि अतिक्रमण का मुद्दा पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग का है। उन्हें इस पर कार्यवाही करनी चाहिए। लेकिन इसमें ग्राम प्रमुख हस्तक्षेप कर अपनी मनमानी कर रहे हैं। इन ग्राम प्रमुखों की हरकतों से एक महिला इस कदर प्रताड़ित है कि उन्हें पुलिस की शरण में जाना पड़ा। उक्त प्रताड़ित महिला सरोज मेश्राम के पति स्वर्गीय रामनाथ मेश्राम को भी उक्त ग्राम प्रमुखों ने इतना प्रताड़ित किया कि विगत 6 दिसंबर को उनकी हार्ड अटैक से मौत भी हो गई है। इसके बाद अकेली महिला को फिर से ग्राम प्रमुख प्रताड़ित कर रहे हैं और उनसे पैसे की मांग कर रहे हैं। उन्हें गांव से निकाल देने, उनका काम छुड़वा देने की धमकी दी जा रही है। पूर्व में भी उनके पति स्कूल में कनेरी पढ़ाने के लिए जाते थे उन्हें भी इसी तरह से प्रताड़ित किया गया और उन्हें 10000 से 20000 तक की मांग की गई। डर के मारे उनके पति ने 5000 ग्राम प्रमुखों को दिया था। इसके बाद और भी प्रताड़ित कर रहे थे। अंततः प्रताड़ना से परेशान रहें और उनकी मृत्यु हो गई। अब उनकी पत्नी को प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत प्रशासन मानो मौन बैठी है ऐसे में न्याय की आस लेकर वह थाने पहुंची थी। इस कदर जंगलराज हावी है कि ग्राम प्रमुख लोगों को सरकारी जमीन का मानो सौदा ही कर रहे हैं। कई लोग तो ग्राम प्रमुखों को पैसा देकर पक्का मकान तक बनाने लगे हैं। और इस पर पंचायत प्रशासन भी कुछ नहीं कर पा रही है। जो कहीं ना कहीं अंधेर गर्दी को भी इशारा कर रहा है। ग्राम पंचायतों पर निगरानी का जिम्मा कहीं ना कहीं ग्राम सभा का होता है। ग्राम सभा की आड़ में ग्राम प्रमुख अपनी मनमानी कर रहे हैं। तो यह भी उचित बात नहीं है। पंचायती राज में इस तरह से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके विरोध में पीड़ित महिला ने आवाज उठाई है।
अपने आवेदन में बताई ये समस्या
थाना प्रभारी गुरुर के नाम से ग्राम प्रमुखों के पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला सरोज मेश्राम ने शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 2021 से ग्राम विकास समिति दियाबाती के कुछ लोगों द्वारा जिनके नाम धनशाय साहू, चुरामन साहू, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार साहू, खोमन लाल साहू आदि हैं। उन्हें उनके पति रामनाथ को खुद की जमीन को अवैध रूप से कब्जा बताकर 10000 से ₹20000 की मांग कर रहे थे और ग्राम समिति में उक्त रकम को जमा करने के लिए उन्हें मीटिंग में बुलाते थे। पैसा नहीं देने पर देने पर उन्हें गांव छोड़ने की धमकी दी जाती थी। डर के मारे उन्हें उन्होंने ₹5000 जमा भी किए थे। बाकी पैसा नहीं देने पर उन्हें जबरदस्ती मकान तोड़ने, उन्हें घर से बेदखल करने सहित उनके पति को उनके कार्य से हटवा देने की धमकी जाती थी। इन्ही सब परेशानियों से उनके पति 6 दिसंबर को हार्ड अटैक आने से दुनिया से चल बसे। अब उनके द्वारा उनकी पत्नी को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनकी पत्नी स्कूल में मध्यान्ह भोजन में खाना बनाने के लिए जाती है। उन्हें भी काम से हटवा देने की धमकी ग्राम प्रमुखों द्वारा दी जा रही है।
रोते हुए बताई अपनी समस्या
मामले की जानकारी मिलने के बाद तह तक जाने के लिए जब हम गांव पहुंचे और महिला से मिले तो महिला रोते बिलखते हुए अपनी व्यथा बताने लगी कि किस तरह उन पर अत्याचार हो रहा है तो वहीं पंचायत प्रशासन और अधिकारी भी इस मामले में अब तक आंख मूंदे बैठे हैं। महिला ने बताया कि उनका अब तक प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृत नहीं हुआ है। घर टूटने की कगार पर था तो उन्होंने अपने गहने बेचकर घर की मरम्मत करवाई है।
क्या बोले सरपंच
सरपंच लच्छू राम का कहना है कि ग्राम प्रमुख कुछ लोग मनमानी कर रहें इसकी शिकायत आई है। पहले भी उन्हें समझाइश दी गई थी लेकिन वह अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। और जो कुछ लोग अतिक्रमण किए हैं उनसे पैसा लेकर अतिक्रमण को और बढ़ावा दिए जा रहे हैं। इस पर पंचायत प्रशासन की ओर से यथाशीघ्र उचित कार्यवाही की जाएगी।
