आरक्षण कटौती मुद्दे पर बौखलाए सतनामी समाज



कहा आरक्षण वापस 16 प्रतिशत करो व सतनामी समाज को टारगेट करना बंद करें –सी एम बघेल

बालोद। छत्तीसगढ़ शासन के ठेठ तानाशाही मुखिया भूपेश बघेल सत्ता के मद में चूर होकर कभी भी किसी भी मंच पर किसी भी जाति विशेष वर्ग को बार बार प्रताडित कर रहे हैं जो उनकी मानसिक दिवालिया पन को दर्शाता है ।

किसी राज्य के मुख्यमंत्री जैसे संवेदनशील पद पर रह कर उनकी अमर्यादित व्यवहार व भाषा शैली उचित नहीं है । भूपेश बघेल जब से छत्तीसगढ़ का मुख्य मंत्री बने हैं तब से लेकर अब तक उनकी राजनीतिक रणनीति इर्ष्या द्वेष से भरे हुए हैं । पूर्व भाजपा शासन काल में सतनामी समाज के धरोहर पुज्यनीय ममता मयी मां मिनी माता जी के नाम पर रखी गयी मिनी माता बांगो बांध , मिनी माता विधान सभा भवन छत्तीसगढ़ का नाम सेहित अनेकों भवनों ,चौंक चौराहों का नामकरण किया गया था उस नाम को हटा दिया गया जो सतनामी समाज व उनकी आस्थाओं के लिए गंदी मानसिकता को दर्शाता है । सतनामी विरोधी दृष्टि कोण रखकर चंद सतनामी समाज के शहरी सामाजिक संगठनों व मंत्री विधायकों को पद लालच देकर राजनीतिक गुलाम बना कर सामाजिक जनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है ।

भूपेश बघेल के आतातायी शासन व्यवस्था से किसी जाति वर्ग विशेष को बार बार परेशान करना उनकी मनःस्थिति ठीक नहीं होने का घोतक है । यदि सी एम बघेल की मानसिकता सतनामी समाज पर ऐसी ही रही तो वो दिन दूर नहीं है जब उन्हें व उसकी सरकार को को फिर छत्तीसगढ़ विधान सभा से बाहर निकल फेंकाने की इसके लिए दोषी सिर्फ और सिर्फ मुख्य मंत्री भूपेश बघेल होगी । आरक्षण व्यवस्था पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अवमानना कर उन्होनेंं अपनी निम्न स्तर की राजनीतिज्ञ होने का परिचय दे दिया है व आरक्षण मुद्दे पर अलग अलग बयान देकर स्वयं ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं जिनके कितने बड़े परिणाम भूगतने पडेंगे शायद उन्हें अंदाजा नहीं है । आरक्षण मुद्दे पर अजा वर्ग की नाराजगी अब किसी से छिपी नहीं है जगह जगह संत शिरोमणि गुरु बाबा घासी दास जयंती समारोह पर्व पर उनके व सतनामी समाज को भूपेश बघेल के पास बेचने वाले मंत्री शिव डहरिया ,मंत्री गूरू रुद्र कुमार जी व सभी विधायकों के खिलाफ नारेबाजी सहित भूपेश बघेल मुर्दाबाद ,शिव डहरिया मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं । सतनामी समाज उन्हें खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं कि आरक्षण वापस माननीय न्यायालय के फैसले के अनुसार अजा वर्ग की 16 प्रतिशत रखें वरना आने वाले चुनाव में हार का सामना करना पड़ सकता है । प॒देश भर में आरक्षण मुद्दे को लेकर बौखलाए अजा वर्ग के सभी जाति खासकर अजा वर्ग में सबसे बहुलता रखने वाले सतनामी समाज जिला बालोद सतनामी समाज के लोग किसी भी पार्टी विधायक ,मंत्रियों ,
सांसद सहित जिला व जनपद सदस्यों तक को अतिथि नहीं आमंत्रित बुलाए गए हैं जिसका असर पूरे प्रदेश भर में दिखाई दे रहा है ।

विजय बघेल
पूर्व जिलाध्यक्ष व वर्तमान संरक्षक जिला सतनामी समाज बालोद

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