गुरुर। गुरुर थाने में विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने कोचेरा के रहने वाले एक युवक प्रदीप हिरवानी के खिलाफ शिकायत की। मामला भगवान श्री राम और माता सीता के प्रति सोशल मीडिया में अभद्र टिप्पणी का था।
युवक द्वारा एक ग्रुप में भगवान राम और सीता के लिए अभद्र बातें लिखी गई थी। जिसके बाद से आक्रोश बढ़ गया और विश्व हिंदू परिषद लोग थाने पहुंचे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। उसे गिरफ्तार भी किया गया। कोचेरा निवासी प्रदीप हिरवानी पिता मकुंद राम हिरवानी को हिंदू सनतान धर्म के खिलाफ व हिन्दू देवताओं के ऊपर अभद्र व अमर्यादित लेख सोशल मीडिया में लिखकर प्रसारित करने के मामले में बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद,बजरंग दल,व व्यापारी संघ के कड़े विरोध के बाद धारा 295ए/153ए के तहत अपराध दर्ज कर जेल दाखिला किया गया। मुरारी साहित्य समिति वाट्सएप ग्रुप में कल देर शाम को प्रदीप हिरवानी ने प्रभु श्री राम व सीता माता को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। जिसके बाद हिंदू संगठन विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता व हिंदू धर्म के लोग काफी आक्रोशित थे। इस मामले को लेकर सुबह से ही थाने पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी व कड़ी कार्यवाही की बात पर अड़े थे। इस मामले के सोशल मीडिया में हिन्दू संगठन के विरोध के बाद देर रात ही प्रदीप हिरवानी को गुरुर पुलिस ने अपने हिरासत में में रख लिया था। ताकि कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित न हो। इस विषय पर गुरुर विहिप अध्यक्ष लोकेश साहू व अन्य सदस्यों ने लिखित शिकायत थाने में दी। उसके बाद अपराध दर्ज किया गया। इस प्रकार के देवी देवताओं के ऊपर टिप्पणी से गुरुर के व्यापारियों में भी नाराजगी देखी गई। वे भी हिंदू संगठनों के साथ थाने पहुंचे थे। इस मामले को लेकर पूरे बालोद जिला के अंदर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। गुरुर थाने में गुरुर विहिप अध्यक्ष लोकेश साहू, कार्यकारी अध्यक्ष राकेश साहू,मंत्री रेखराज साहू, उपाध्यक्ष नुरसिंह साहू, सह-मंत्री चौलेश देशमुख ,बजरंग दल संयोजक तेजेन्द्र गंजीर,पूनमचंद साहू,रेखमणी साहू,सोनू देवदास,अंशुमान मिश्रा,संदीप साहू,बंटी गोपाल,लेखमणि साहू सहित हिंदूवादी नेता नंदकिशोर शर्मा,कौशल साहू, व्यापारी संघ से अजय पारख सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। बलराम गुप्ता जिला अध्यक्ष विहिप बालोद जिला ने कहा हिंदू देवी देवताओं के ऊपर अभद्र भाषा व लेख कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। विधर्मी अपने विचारों को अपने तक रखे,सनातन धर्म के खिलाफ बोलकर करोड़ो हिंदुओ के विश्वास व भावनाओ को आहत करने का अधिकार किसी को नही है,कानून ने अपना काम किया व धर्मसेवको ने अपना कर्तव्य निर्वहन किया। ऐसे धर्मविरोधियो का विरोध आगे भी जारी रहेगा।

