सुप्रीत शर्मा/ कमलेश वाधवानी,बालोद। गुरुर ब्लॉक के गांव कन्हारपुरी से डायरिया की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां आंगनबाड़ी में दर्ज 12 बच्चे बीमार हो गए हैं। सभी को उल्टी दस्त की शिकायत है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित जिला प्रशासन में खलबली मची हुई है। अमला गांव पहुंचकर जांच में जुटा हुआ है कि आखिर बच्चों की तबीयत बिगड़ी कैसे? स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कुछ स्पष्ट जानकारी या कारण नहीं बता पा रहे हैं कि उन्हें उल्टी दस्त कैसे हो रहा है। उन्हें क्या खिलाया पिलाया गया था? अभी सब जांच का विषय है। आशंका तो यही है कि आंगनबाड़ी से ही उनकी तबीयत बिगड़ी। घर आने के बाद एक-एक करके बच्चों को उल्टी दस्त शुरू हुआ तो फिर गांव में खलबली मची। सभी बच्चे अलग अलग घर के हैं। बीएमओ रावटे ने DailyBalodNews से कहा कि अभी कुछ बता नहीं सकते कि बच्चों की तबीयत खराब कैसे हुई, जांच चल रही है। रिपोर्ट का इंतजार है।
चल रही रात तक जांच
वहीं गांव में डायरिया ना फैले इसके लिए पूरी सावधानी बरती जा रही है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार दोपहर से जुटी हुई है और लोगों को सचेत करते हुए आवश्यक दवाइयां दे रही है। जो भी बच्चे प्रभावित है सभी आंगनबाड़ी के हैं। तो वहीं एक 28 साल की महिला भी चपेट में आई है। अधिकतर बच्चों को उल्टी तो किसी को दस्त हो रहा है। यह परेशानी उन्हें किस वजह से हुई अभी कुछ खुलासा नहीं हुआ है। गुरूर के बीएमओ डॉक्टर जीआर रावटे का कहना है कि अभी जांच चल रही है। हमारी टीम लोगों को स्वास्थ्य के लिए सचेत करते दवाइयां वितरित कर रही है तो वहीं कांबेक्ट टीम भी भेजी जा रही है। जो जांच कर वास्तविक रिपोर्ट हमें देगी कि डायरिया उल्टी-दस्त हुआ कैसे हैं। मूल वजह क्या है अभी कुछ कहना उचित नहीं है।
आंगनबाड़ी केंद्र है निशाने पर
सभी बच्चे आंगनबाड़ी गए थे वहां से आने के बाद उन्हें उल्टी दस्त हुआ है तो आशंका है कि कहीं आंगनबाड़ी में उन्हें क्या खाने पीने को दिया गया था इस बारे में भी जांच चल रही है। आंगनबाड़ी में जलस्रोत की जांच की जा रही है कि वहां कहीं कुछ खराबी तो नहीं है या फिर आंगनबाड़ी में जो पोषाहार परोसा गया था उसमें कुछ दिक्कत तो नहीं थी। विभाग गंभीरता से जांच कर रही है। क्योंकि मामला आंगनबाड़ी महिला बाल विकास विभाग से जुड़ा हुआ है। यह संवेदनशील मामला होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग इसे गंभीरता से ले रहा है। और तह तक जाने की कोशिश में लगा हुआ है। यह बात तो सही प्रतीत हो रही है कि कहीं न कहीं आंगनबाड़ी में ही कुछ खाने पीने के बाद से बच्चों की तबीयत बिगड़ी है। क्योंकि प्रभावित सभी बच्चे आंगनबाड़ी गए हुए थे। वहां से आने के बाद ही उनके स्वास्थ्य में असर हुआ। संबंधित कार्यकर्ता और सहायिका से भी पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वहां दवाइयां वितरण और जांच शुरू कर दी है। तो वहीं इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है। देखने वाली बात होगी कि डायरिया उल्टी दस्त का कारण असल में क्या सामने आता है। गांव के जल स्रोतों की भी जांच की जा रही है। तो वहीं लोगों को स्वच्छता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिलहाल बच्चों की स्थिति सामान्य हो गई है। उन्हें इलाज के लिए गुरुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ का घर पर ही इलाज हुआ है।
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