मुख्यमंत्री की घोषणा पर तहसीलदार का फर्जी स्मरण पत्र बना बाधा, तत्कालीन तहसीलदार के विरुद्ध कार्यवाही की मांग पर अड़े पसौद के सरपंच



बालोद। ग्राम पसौद , तहसील देवरी बंगला जिला बालोद छत्तीसगढ़ में ग्राम पसौद से फरदफोड़, अंडा होते हुए दुर्ग जाने वाली पहुंच मार्ग बना है लेकिन पसौद के पास, 100 मीटर लंबाई में सड़क कृषि भूमि में निर्मित होने के कारण सन 2005 से उस जगह पर डामरीकरण एवं किसी भी प्रकार से सड़क में मरम्मत नहीं हुआ है। इस कारण आवागमन करने के लिए लोगों को बहुत कठिनाई हो
रहा है। आए दिन वहां दुर्घटना होते रहता है। विवादित भूमि का तहसील न्यायालय मार्री बंगला देवरी एवं सिविल न्यायालय बालोद जिला द्वारा आदेश किया जा चुका है। उक्त आदेश के परिपालन में तहसील न्यायालय द्वारा आदेशित कर हल्का पटवारी द्वारा कृषि भूमि एवं सड़क भूमि का अभिलेख दुरुस्त किया जा चुका है। पसौद के सरपंच व डौंडीलोहारा सरपंच संघ के अध्यक्ष पोषण लाल देवांगन ने बताया कि तत्कालीन तहसीलदार रामरतन दुबे द्वारा स्मरण पत्र पटवारी को जारी किया है कि न्यायालय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ के प्रकरण क्रमांक 29 /2019 में पारित आदेश के अनुसार उक्त प्रकरण को यथा स्थिति बनाए रखें। जबकि उक्त प्रकरण में अब तक न्यायालय हाई कोर्ट द्वारा कोई भी आदेश पारित नहीं किया गया है। इस प्रकार जिम्मेदार अधिकारी को फर्जी तरीके से आदेश पारित कर जनहित कार्य में रुकावट डालना कानूनन अपराध है। यह सड़क को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ द्वारा जल्दी डामरीकरण के लिए घोषणा कर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृत आदेश कर दिया गया है। इस कारण सरपंच संघ डौंडीलोहारा ब्लॉक के अध्यक्ष पोषण लाल देवांगन, सचिव संतराम ताराम, उपाध्यक्ष किरण लोनहरे सुनीता खपार्डे सरपंच कृष्णा एवं सभी सरपंच यह फर्जी स्मरण पत्र जारी करने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग करते हुए जारी किए गए स्मरण पत्र को निरस्त कर अति शीघ्र सड़क बनाने की कार्यवाही पूर्ण किया जाए। जिसके लिए कलेक्टर बालोद पुलिस अधीक्षक बालोद, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन , राज्यपाल छत्तीसगढ़, माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार को पत्र प्रेषित कर कार्यवाही की मांग किया गया ।

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