गुरुर। कुदरत ने बचपन में जो उमंग बिखेरी है वह ताउम्र हमें बड़े होने के बाद भी कदम-कदम पर जीवन के सफर में अनेकों चुनौतियों से सामना करने में मदद करती रहती हैं । इन खुशियों को सहेजने, बचपन को और ज्यादा यादगार बनाने का एक छोटा सा आयोजन शासकीय प्राथमिक विद्यालय चिटौद के डिजिटल कक्षा के हॉल में किया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे शिक्षक ईश्वरी कुमार सिन्हा ने अवगत कराया कि स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू जी के जन्मदिन 14 नवम्बर को बालदिवस के रूप में मनाने की महत्ता और उपयोगिता को विद्यालय के कक्षा पहली से पांचवीं तक 167 विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया सर्वप्रथम नेहरू जी के छायाचित्र पर मुख्य अतिथि सरपंच,प्रधानपाठक, शिक्षक परिवर, प्रबंधन समिति, बाल संसद प्रतिनिधि वासनी एवं भावेश ने पुष्प अर्पण किए।
बच्चों को मिला अभिव्यक्ति के मंच
कक्षा 4 के विद्यार्थी तुषार ने नेहरू जी के जीवनी में जन्म से लेकर मृत्यु के सफर का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया । कक्षा 3 की साधना व उसकी साथी ने ‘ये वतन वतन मेरे आबाद रहे तू’ गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। कक्षा पहली की भूमि ने आ चिड़िया आ कविता गाई । ‘ओ प्यारे चंदा मामा’, ‘चंदा मामा दूर के’, ‘तितली उड़ी’ गीतों पर कक्षा पहली के समस्त नन्हे-मुन्ने बच्चों ने नृत्य के साथ सभी को मंत्रमुग्ध किया। कक्षा पांचवीं के 14 बालकों एवं 23 बालिकाओं सहित 37 विद्यार्थियों ने ‘चुन-चुन करती आई चिड़िया’ गीत में नृत्य अभिनय किए । इन सभी गतिविधियों का फेसबुक लाइव से सीधा प्रसारण किया गया।
समस्त बच्चों को सरपंच से मिला पेन और प्रधानपाठक ने दी रंगीन पेंसिल का तोहफा
जब कोई खुशी किसी तोहफे के रूप में हमें मिलती है तो उसका अहसास और भी दुगुना हो जाता है | ऐसा ही नजारा बालदिवस के अवसर पर देखने को मिला | समस्त बच्चों को ग्राम पंचायत की सरपंच कुमारी साहू ने पेन तथा संस्था प्रमुख मोहिनी चन्द्राकर ने रंगीन पेंसिल भेंट किया । इसी दौरान शाला प्रबंधन समिति की सदस्य शकुन मानिकपुरी ने संस्था प्रमुख को शैक्षणिक साहित्य भेंट किया।
बचपन हमारे जीवन की खुशियों की प्रथम पाठशाला है
बच्चों को उनके वर्तमान स्वरूप के साथ जी भरकर खुशियों को समेट लेने का आशीर्वचन प्रधानपाठक मोहिनी चन्द्राकर ने प्रदान किया। सरपंच ने कलम की ताकत और अपने भविष्य की मजबूत कहानी लिखने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय की समस्त शिक्षकीय स्टाफ, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष परमानंद साहू, दिनेश सेन, महिला सदस्यगण, पंच प्रतिनिधि अनुसुइया ध्रुव, सावित्री निषाद , यशवनी कुमार सेन मौजूद रहे।
